August 5, 2026 8:06 am

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IDFC First Bank के 590 करोड़ घोटाले में चार गिरफ्तार, एसीबी ने खोले कई राज

पंचकूला: IDFC First Bank से जुड़े 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में एक महिला समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) प्रमुख एएस चावला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया।
एसीबी चीफ ने बताया कि विजिलेंस कार्यालय से प्राप्त पत्र के आधार पर, जिसमें पंचायत विभाग के करोड़ों रुपये के सरकारी फंड के गबन की आशंका जताई गई थी, हरियाणा सरकार के निर्देश पर मुकदमा नंबर-4 दर्ज किया गया।
इस मामले की जांच के लिए एसपी पंचकूला का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे आईपीएस गंगाराम पूनिया की सुपरविजन में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने 24 घंटे के भीतर कथित मास्टरमाइंड समेत दो मुख्य आरोपियों—रिभव ऋषि और अभय—को गिरफ्तार कर लिया।

बैंक प्रबंधन से मिली अहम जानकारी
एएस चावला ने बताया कि बैंक प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी रिभव ऋषि पंचकूला का निवासी है और करीब छह महीने पहले सेक्टर-32 स्थित ब्रांच से नौकरी छोड़ चुका था। उस समय वह ब्रांच हेड के पद पर तैनात था।
दूसरा मुख्य आरोपी अभय ब्रांच में रिलेशनशिप मैनेजर था, जिसने अगस्त-सितंबर में नौकरी छोड़ी थी।
उन्होंने कहा कि बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन ने गंभीरता दिखाते हुए जांच के दौरान संबंधित सरकारी फंड सरकार को वापस कर दिया है। हरियाणा के लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित है।

दोनों ने मिलकर बनाई थी मास्टर प्लान
एसीबी चीफ के अनुसार करोड़ों रुपये के इस घोटाले की पूरी योजना दोनों प्रमुख आरोपियों ने मिलकर बनाई थी। तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के आधार पर सभी आरोपियों को राउंडअप कर गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि मामला जटिल है और विस्तृत जांच जारी है। फिलहाल जांच से जुड़े कुछ तथ्यों को सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।

एक निजी कंपनी में गए 300 करोड़
जांच में सामने आया कि “स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट” नामक एक निजी कंपनी में करीब 300 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे।
चावला ने बताया कि इस मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि बैंक की ब्रांच चंडीगढ़ में है, अधिकांश संबंधित विभाग हरियाणा में हैं, जबकि जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई वह मोहाली स्थित ब्रांच से जुड़ा है।
पारिवारिक संबंध और शेयर होल्डिंग का खुलासा
मामले में गिरफ्तार निजी कंपनी की मुख्य मालकिन स्वाति सिंगला 75 प्रतिशत शेयर की धारक है, जबकि उसका भाई अभिषेक सिंगला 25 प्रतिशत शेयर होल्डर है।
एसीबी के अनुसार स्वाति सिंगला आरोपी अभय की पत्नी है। इस प्रकार पारिवारिक संबंधों और व्यावसायिक हितों की भी जांच की जा रही है।

एक सप्ताह की रिमांड
एसीबी ने सभी चार आरोपियों को अदालत में पेश कर 14 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने एक सप्ताह की पुलिस रिमांड मंजूर की है।

मिलीभगत की आशंका, जांच जारी
एएस चावला ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन ठोस सबूत मिलने के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
उन्होंने बताया कि घोटाले की अधिकांश रकम हरियाणा सरकार की थी, जबकि कुछ हिस्सा चंडीगढ़ प्रशासन का भी बताया जा रहा है।
एसीबी ने स्पष्ट किया है कि मामले में जिस भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आएगी—चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या गैर-सरकारी—उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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