पानीपत, 24 फरवरी 2026। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा ने कहा कि बिजली क्षेत्र में कार्यकुशलता बढ़ाना, लागत कम करना और सेवा गुणवत्ता में गुणात्मक सुधार लाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सटीक मांग आकलन के आधार पर सस्ती बिजली खरीद सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि आयोग उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और किफायती सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वे मंगलवार को पानीपत स्थित स्काईलार्क के बहुउद्देश्यीय हॉल में आयोजित जनसुनवाई की अध्यक्षता कर रहे थे। यह जनसुनवाई उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दायर टैरिफ याचिका के संदर्भ में आयोजित की गई थी।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग एवं शिव कुमार, एचईआरसी के सचिव प्रशांत देष्टा, यूएचबीवीएन के निदेशक अनिल कुमार यादव सहित आयोग और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों और विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं ने अपने सुझाव एवं टिप्पणियां दर्ज कराईं।
ऊर्जा के नए विकल्पों पर विशेष फोकस
अध्यक्ष शर्मा ने सौर ऊर्जा सहित वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के व्यापक विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) की वर्तमान लागत अधिक है, लेकिन भविष्य में यह किफायती विकल्प बन सकती है।
उन्होंने न्यूक्लियर और हाइड्रोजन ऊर्जा की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में ये ऊर्जा के महत्वपूर्ण स्रोत बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में उपभोक्ताओं को सेवा प्रदाता बदलने का विकल्प भी मिल सकता है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के अनुरूप विद्युत क्षेत्र में व्यापक संरचनात्मक बदलाव की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
उपभोक्ता सुझावों को मिलेगा महत्व
शर्मा ने कहा कि विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत उपभोक्ताओं की राय आयोग के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य से आयोग फील्ड में जाकर सीधे संवाद स्थापित कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त सुझाव आगामी टैरिफ ऑर्डर में अवश्य परिलक्षित होंगे।
आयोग के सदस्यों ने भी भरोसा दिलाया कि सभी लिखित और मौखिक सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा।
हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं की स्थिति
यूएचबीवीएन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हरियाणा में कुल 83,79,739 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 38,67,120 उपभोक्ता यूएचबीवीएन और 45,12,619 उपभोक्ता दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के अंतर्गत आते हैं।
यूएचबीवीएन की वितरण हानि 9.33 प्रतिशत दर्ज की गई है
प्रति यूनिट बिजली आपूर्ति पर औसत लागत: ₹8.09
प्रति यूनिट औसत प्राप्ति: ₹7.10
पानीपत, पंचकूला और करनाल में 4.87 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। राज्य में प्रति व्यक्ति वार्षिक बिजली खपत लगभग 2200 यूनिट है, जो राष्ट्रीय औसत 1460 यूनिट से काफी अधिक है।
आयोग की पृष्ठभूमि
एचईआरसी की स्थापना 16 अगस्त 1998 को हुई थी और 17 अगस्त 1998 से इसका कार्य प्रारंभ हुआ। आयोग ने 22 दिसंबर 2000 को अपना पहला टैरिफ ऑर्डर जारी किया था। प्रत्येक वित्त वर्ष से पहले नया टैरिफ आदेश जारी किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा सोमवार शाम को ही पानीपत पहुंच गए थे और उन्होंने हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल) के प्लांट का भी निरीक्षण किया।
यह जनसुनवाई केवल टैरिफ निर्धारण की औपचारिक प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि उपभोक्ताओं और नियामक के बीच प्रत्यक्ष संवाद का प्रभावी मंच बनकर उभरी, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











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