चंडीगढ़, 25 फरवरी। हरियाणा से राज्यसभा की दो रिक्त होने जा रही सीटों के लिए 26 फरवरी को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने से पहले रिटर्निंग ऑफिसर (आर.ओ.) की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता और चुनावी मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि हरियाणा विधानसभा सचिव के स्थान पर किसी उपयुक्त आईएएस अधिकारी को आर.ओ. नियुक्त किया जाए।
उल्लेखनीय है कि भाजपा के राज्यसभा सांसद राम चन्द्र जांगड़ा और किरण चौधरी का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, जिसके चलते दोनों सीटों पर चुनाव होना है।
26 फरवरी को अधिसूचना, 16 मार्च को मतदान
भारतीय चुनाव आयोग 26 फरवरी को राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
नामांकन की अंतिम तिथि: 5 मार्च
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 मार्च
मतदान की तिथि: 16 मार्च
हेमंत कुमार ने बताया कि यदि सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस एक-एक उम्मीदवार उतारती हैं और कोई तीसरा प्रत्याशी मैदान में नहीं आता, तो मतदान की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसी स्थिति में 9 मार्च को ही दोनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकता है।
रिटर्निंग ऑफिसर को लेकर आपत्ति
हेमंत कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू, चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी तथा हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास को ज्ञापन भेजा है।
उन्होंने मांग की है कि राज्यसभा चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर वर्तमान विधानसभा सचिव राजीव प्रसाद (एचसीएस) के बजाय किसी आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया जाए।
विधानसभा सचिव की नियुक्ति पर सवाल
हेमंत कुमार ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि हरियाणा विधानसभा सचिवालय सेवा नियम, 1981 (संशोधित) के अनुसार विधानसभा सचिव की नियुक्ति स्पीकर द्वारा की जाती है, लेकिन यह नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा स्पीकर से परामर्श के बाद की जाती है।
उन्होंने दावा किया कि सेवा नियमों में एचसीएस अधिकारी को विधानसभा सचिव पद के लिए पात्रता सूची में शामिल नहीं किया गया है। नियमों के अनुसार इस पद पर नियुक्ति सीधी भर्ती, पदोन्नति, ट्रांसफर या प्रतिनियुक्ति के आधार पर की जा सकती है, जिसमें विधि स्नातक डिग्री, संसदीय प्रक्रिया का अनुभव या न्यायिक सेवा/आईएएस अधिकारी जैसी योग्यताओं का उल्लेख है।
हेमंत का कहना है कि 2016 बैच के एचसीएस अधिकारी राजीव प्रसाद को 20 जुलाई 2025 से विधानसभा सचिव के पद पर तैनात किया गया है, जबकि नियमों में एचसीएस अधिकारी का उल्लेख नहीं है। उन्होंने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए सेवा नियमों में संशोधन की आवश्यकता जताई है।
सात महीने से कोई कार्रवाई नहीं
हेमंत कुमार ने कहा कि आश्चर्यजनक रूप से पिछले सात महीनों से इस मुद्दे पर कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हरियाणा विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट और नेवा-हरियाणा पोर्टल पर भी मौजूदा सचिव का एचसीएस अधिकारी के रूप में स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
अब चुनाव अधिसूचना जारी होने से पहले रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति को लेकर उठे इस विवाद पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यह मामला राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधानिकता से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।










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