June 21, 2026 7:32 pm

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हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश में सकल एसजीएसटी संग्रह में उच्चतम वृद्धि दर्ज की – आयुक्त विनय प्रताप सिंह

पंचकूला , 2मार्च : हरियाणा आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया की वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में, हरियाणा का सकल एसजीएसटी संग्रह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 22% की रिकॉर्ड दर से बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया की हरियाणा का सकल एसजीएसटी संग्रह (सेटलमेंट के बाद) वर्तमान वित्तीय वर्ष में 44,460 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के फरवरी तक के संग्रह से 7,918 करोड़ रुपये अधिक है। इस वित्तीय वर्ष में 22% की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जो देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का सकल एसजीएसटी संग्रह वर्तमान वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय औसत 6% की दर से बढ़ा है।
फरवरी के महीने में भी, हरियाणा की सकल एसजीएसटी वृद्धि दर पिछले वर्ष के फरवरी के महीने की तुलना में 23% की वृद्धि के साथ उच्च बनी हुई है।
श्री विनय प्रताप सिंह ने बताया कि सितंबर 2025 में जीएसटी परिषद द्वारा किए गए जीएसटी दर संबंधित सुधारों के बाद के महीनों में भी, हरियाणा एसजीएसटी संग्रह में उच्च वृद्धि दिखा रहा है, जो न केवल कुशल कर प्रशासन को दर्शाता है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की स्वस्थ स्थिति को भी दर्शाता है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सितंबर 2025 में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक में जीएसटी दर संबंधित सुधारों का स्वागत और समर्थन किया था और प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया था।
आबकारी एवं कराधान आयुक्त श्री विनय प्रताप सिंह ने बताया कि हरियाणा में कुल 6,22,478 जीएसटी करदाता हैं और जीएसटी कानून के तहत पंजीकरण की सुविधा के लिए हरियाणा के सभी जिलों में जीएसटी सुविधा केंद्र खोले गए हैं। आयुक्त ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जीएसटी व्यवस्था में किए गए कई सुधारों और हरियाणा के आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों द्वारा अपनाई गई बेहतर कर विश्लेषण प्रणालियों के कारण राज्य में जीएसटी वृद्धि मजबूत हो रही है।
उन्होंने बताया कि जीएसटी नियमों में नवीनतम संशोधनों के साथ, जीएसटी के तहत पंजीकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया में सुधार किया गया है, जिससे कम जोखिम वाले और छोटे व्यवसायों के लिए जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करना आसान हो गया है तथा साथ में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि नकली और धोखाधड़ी वाले आवेदकों को संचालित करने की अनुमति न दी जाए।
आयुक्त ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य आबकारी और वैट/सीएसटी संग्रह में भी वृद्धि दिखाई दे रही है और विभाग वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करेगा।

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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