September 20, 2026 6:33 am

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पंचकूला में इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की नॉर्दन ज़ोन एक दिवसीय बैठक संपन्न

ग्रीन बिल्डिंग, नई तकनीक और भूकंपीय सुरक्षा पर हुआ मंथन

पंचकूला। इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (आईबीसी) की नॉर्दन ज़ोन की एक दिवसीय बैठक शनिवार को पंचकूला स्थित PWD रेस्ट हाउस में आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ से आए इंजीनियरों व प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक की अध्यक्षता आईबीसी के चेयरमैन चिन्नमय देबनाथ ने की। इस अवसर पर हरियाणा PWD (B&R) के EIC एवं आईबीसी हरियाणा के चेयरमैन अनिल दहिया, हरियाणा PWD (B&R) के चीफ इंजीनियर एवं आईबीसी हरियाणा के वाइस चेयरमैन योगेश मेहरा तथा PWD (B&R) के एसई एवं आईबीसी हरियाणा के सचिव हरपाल सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।


बैठक में सरकारी और सार्वजनिक भवनों के निर्माण में नई तकनीकों, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न राज्यों के इंजीनियरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अपनाई जा रही भवन निर्माण तकनीकों और अनुभवों को साझा किया।
बैठक के बाद आईबीसी चेयरमैन चिन्नमय देबनाथ ने बताया कि नॉर्दन ज़ोन के सभी राज्यों से आए इंजीनियरों के सुझावों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया है। ग्रीन बिल्डिंग तकनीक को लेकर टेक्निकल सेशन भी आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों को संकलित कर सरकार को रिपोर्ट के रूप में सौंपा जाएगा।
देबनाथ ने कहा कि अलग-अलग राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियां भिन्न हैं, जैसे हिमाचल व मेघालय, जहां विशेष तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण गुणवत्ता एक समान रहनी चाहिए। उन्होंने इंजीनियरों के लिए ज्वाइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि हरियाणा अब सीस्मिक ज़ोन-6 में शामिल हो गया है, ऐसे में भवन निर्माण में भूकंपीय सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।
वहीं, हरियाणा PWD (B&R) के चीफ इंजीनियर एवं आईबीसी हरियाणा के वाइस चेयरमैन योगेश मेहरा ने कहा कि बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि पंचकूला सीस्मिक ज़ोन-4 से ज़ोन-6 में आ गया है, इसलिए हाईराइज और अन्य भवनों के निर्माण में नई और सुरक्षित तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियरों को क्वालिटी इंश्योरेंस के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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