7-15 आयु वर्ग के लिए 1 अक्टूबर 2025 से एक वर्ष तक निःशुल्क सेवा, मिशन मोड में चल रहा है अभियान
चंडीगढ़।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार कार्ड में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) को सुनिश्चित करने के लिए देशव्यापी विशेष अभियान चलाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस अभियान के तहत 1,03,000 से अधिक स्कूलों में सेवाएं प्रदान की गईं और लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) स्कूली बच्चों को उनके स्कूल परिसर में ही बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा दी गई।
यूआईडीएआई द्वारा सितंबर 2025 में मिशन मोड में यह अभियान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक विवरण को समय पर अपडेट कराना है, ताकि वे भविष्य में किसी भी प्रकार की सरकारी या शैक्षणिक प्रक्रिया में बाधा का सामना न करें।
यूडीआईएसई+ से तकनीकी एकीकरण से मिली रफ्तार
यूआईडीएआई ने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के UDISE+ (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) एप्लिकेशन के साथ तकनीकी एकीकरण किया। इससे स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की एमबीयू स्थिति की सटीक जानकारी प्राप्त हुई।
इस डेटा के आधार पर उन बच्चों की पहचान की गई, जिनका बायोमेट्रिक अपडेट लंबित था। इसके बाद संबंधित स्कूलों में विशेष शिविर लगाकर बच्चों का एमबीयू पूरा कराया गया।
4000 से अधिक मशीनों से चल रहा अभियान
देशभर में यूआईडीएआई के क्षेत्रीय और राज्य कार्यालय, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर इस अभियान को संचालित कर रहे हैं।
वर्तमान में कम से कम 4000 बायोमेट्रिक मशीनें इस अभियान में उपयोग की जा रही हैं। यूआईडीएआई ने अभियान की गति और बढ़ाने के लिए मशीनों की संख्या में और वृद्धि की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
सरकारी योजनाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में सहूलियत
आधार में बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट रहने से बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और अन्य लाभकारी कार्यक्रमों का फायदा उठाने में सुविधा मिलती है। इसके अलावा, नीट, जेईई और सीयूईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पंजीकरण और प्रमाणीकरण के दौरान भी यह आवश्यक होता है।
यूआईडीएआई ने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी न हो।
एक वर्ष तक निःशुल्क सुविधा
यूआईडीएआई ने 1 अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाली एक वर्ष की अवधि के लिए 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को पूरी तरह निःशुल्क कर दिया है।
स्कूलों में आयोजित विशेष शिविरों के अतिरिक्त, बच्चे देशभर में किसी भी आधार नामांकन केंद्र या आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी अपना एमबीयू पूरा कर सकते हैं।
इस व्यापक अभियान से लाखों परिवारों को सुविधा मिली है और यह डिजिटल पहचान को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











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