कोलंबो: श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में एक बड़े नौसैनिक घटनाक्रम में ईरानी युद्धपोत के डूबने की खबर सामने आई है। श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, द्वीप के दक्षिणी तट से लगभग 40 नॉटिकल मील दूर डूबे एक ईरानी फ्रिगेट से अब तक करीब 80 ईरानी नाविकों के शव बरामद किए गए हैं।
यह जहाज Islamic Republic of Iran Navy का फ्रिगेट IRIS Dena बताया जा रहा है, जिस पर करीब 180 नाविक सवार थे।
30 नाविकों को बचाया गया, संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि सुबह 5:08 बजे गाले के समुद्री क्षेत्र से एक इमरजेंसी डिस्ट्रेस सिग्नल मिला। इसके बाद श्रीलंका नेवी और एयर फोर्स ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया।
उन्होंने बताया कि अब तक 30 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। शवों को गाले स्थित करापितिया अस्पताल में रखा गया है। बचाए गए नाविकों को नेवी के सदर्न कमांड मुख्यालय ले जाया गया और बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अमेरिकी रक्षा मंत्री का दावा: “टॉरपीडो से डुबोया”
इस घटना के बीच अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने वॉशिंगटन में दावा किया कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबो दिया।
हेगसेथ ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि डूबाया गया जहाज “सुलेमानी” नाम से जुड़ा था, जो ईरान के पूर्व कुद्स फोर्स प्रमुख कासिम सुलेमानी के नाम पर था।
सुलेमानी को वर्ष 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिकी हमले में मार गिराया गया था।
श्रीलंकाई नेवी ने हमले की पुष्टि से किया इनकार
हालांकि, श्रीलंकाई नेवी के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपत ने मीडिया रिपोर्ट्स में आए “सबमरीन अटैक” के दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री दायित्वों के तहत फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंचने पर समुद्र में बड़ा तेल का धब्बा देखा गया, जिससे जहाज के डूबने की पुष्टि हुई। डिस्ट्रेस सिग्नल के कारणों की जांच विशेष एजेंसियां करेंगी।
एयर फोर्स प्रवक्ता ने भी कहा कि जिस स्थान से सिग्नल मिला, वहां कोई अन्य जहाज या विमान मौजूद नहीं था।
भारत में हालिया नौसैनिक अभ्यास में लिया था हिस्सा
बताया जा रहा है कि यह ईरानी युद्धपोत हाल ही में भारत द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था। इस पर Indian Navy की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इस घटना ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। श्रीलंका सरकार ने घटना पर दुख जताते हुए शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है।
श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा भले ही उनके क्षेत्रीय जलक्षेत्र के बाहर हुआ हो, लेकिन यह उनके सर्च एंड रेस्क्यू जोन में आता है, इसलिए बचाव कार्य उनकी जिम्मेदारी थी।
घटना की विस्तृत जांच और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।











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