विधानसभा में जीत के लिए 31 वोट जरूरी, कांग्रेस के पास 37 विधायक होने का दावा
चंडीगढ़: हरियाणा से कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने गुरुवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने से पहले चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की, जिसमें हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और राज्यसभा उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध समेत कांग्रेस के सभी विधायक मौजूद रहे।
नामांकन के बाद बोले कर्मवीर बौद्ध
नामांकन दाखिल करने के बाद कर्मवीर सिंह बौद्ध ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत है, जबकि कांग्रेस के पास 37 वोट मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि अतीत की तरह इस बार भाजपा की “फूट डालो और राज करो” की नीति सफल नहीं होगी। बौद्ध ने उन्हें उम्मीदवार बनाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का धन्यवाद किया।
“कांग्रेस के सभी 37 विधायक एक साथ”
बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के सभी 37 विधायक एकजुट हैं और सभी अपने उम्मीदवार को वोट देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सोच-समझकर ही कर्मवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
सुरजेवाला ने बताया जमीनी कार्यकर्ता की जीत
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने दलित और गरीब परिवार से आने वाले एक जमीनी कार्यकर्ता को राज्यसभा में भेजकर यह संदेश दिया है कि कांग्रेस शोषित और वंचित वर्गों के साथ खड़ी है और पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देती है।

कौन हैं कर्मवीर सिंह बौद्ध
कर्मवीर सिंह बौद्ध रोहतक के निवासी हैं और करीब पांच साल पहले हरियाणा सिविल सचिवालय से सुपरिंटेंडेंट पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी श्रम विभाग में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं।
सचिवालय में वे खरीद-फरोख्त और स्टोर से जुड़े काम देखते थे। अपने कार्यकाल के दौरान एक विवाद के चलते उन पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगे और कथित तौर पर स्टोर में आग लगने की घटना के बाद तत्कालीन मुख्य सचिव ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बाद में उनकी पदोन्नति नहीं हो सकी और वे बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हुए।
बताया जाता है कि आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार के आत्महत्या मामले में हुए आंदोलन में भी वे प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे।
हरियाणा में दो सीटों के लिए होगा राज्यसभा चुनाव
हरियाणा से राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। इन दोनों सीटों के लिए चुनाव होना है। वर्तमान समीकरणों के अनुसार एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है।
क्या है विधानसभा का गणित
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इनेलो के 2 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 31 वोटों की आवश्यकता होती है।
भाजपा ने पहले ही संजय भाटिया को उम्मीदवार घोषित किया है और 31 वोटों के आधार पर उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।
वहीं कांग्रेस भी 31 वोटों के आधार पर अपने उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध को जिता सकती है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के खाते में एक-एक सीट जाने की संभावना है।
अगर भाजपा दूसरी सीट के लिए उम्मीदवार उतारती है तो उसे निर्दलीयों और इनेलो के समर्थन के साथ-साथ अतिरिक्त क्रॉस वोटों की जरूरत पड़ेगी, जो फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है।













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