चंडीगढ़, 5 मार्च 2026: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और महिला-बाल विकास के क्षेत्र में पिछले चार वर्षों के दौरान कई बड़े कदम उठाए हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2022 से 2026 के बीच राज्य सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लागू किए हैं, जिनसे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिला है।
35.7 लाख लाभार्थियों को 23,102 करोड़ रुपये की पेंशन
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बुजुर्गों, विधवा महिलाओं, बेसहारा व्यक्तियों और दिव्यांगों के लिए चल रही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया है।
पिछले चार वर्षों में 5.2 लाख से अधिक नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में शामिल किया गया।
लगभग 35.7 लाख लाभार्थियों को अब तक 23,102 करोड़ रुपये से अधिक की पेंशन राशि वितरित की जा चुकी है।
सरकार ने पेंशन रिकॉर्ड की व्यापक जांच कराई, जिसमें 1.9 लाख से अधिक ऐसे मामलों की पहचान हुई, जिनमें लाभार्थी की मृत्यु हो चुकी थी या वे पात्र नहीं थे। इन नामों को रिकॉर्ड से हटाने से राज्य सरकार को लगभग 350 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत हुई।
निष्क्रिय पेंशन राशि को जनकल्याण में लगाया
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई मृत लाभार्थियों के बैंक खातों में वर्षों से पेंशन की राशि जमा होती रही थी। ऐसे मामलों की पहचान कर लगभग 450 करोड़ रुपये की निष्क्रिय राशि को जनकल्याणकारी योजनाओं में उपयोग के लिए चिह्नित किया गया है।
बुजुर्गों के लिए विशेष अभियान
राज्य सरकार ने “साडा बुजुर्ग साडा मान” अभियान के तहत बुजुर्गों की स्वास्थ्य और सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई शिविर लगाए।
20,110 से अधिक बुजुर्गों का पंजीकरण किया गया।
शिविरों में मुफ्त स्वास्थ्य जांच, ईएनटी टेस्ट, मोतियाबिंद जांच, चश्मों का वितरण, अस्पताल परामर्श और वरिष्ठ नागरिक कार्ड जारी किए गए।
इसके अलावा बुजुर्गों की देखभाल के लिए मानसा में लगभग 9.12 करोड़ रुपये की लागत से नया सरकारी वृद्धाश्रम स्थापित किया गया है। साथ ही 14 गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित वृद्धाश्रमों को करीब 7 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता दी गई है।
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा
माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम-2007 के तहत ट्रिब्यूनलों को सक्रिय किया गया है।
मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल में 1,120 मामलों का निपटारा किया गया।
अपील ट्रिब्यूनल में 669 मामलों का समाधान किया गया।
इसके अलावा हेल्पएज इंडिया के सहयोग से वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन 14567 पर वर्ष 2025-26 में 2,956 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 2,930 मामलों का समाधान किया गया।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पंजाब सरकार की मुफ्त बस यात्रा योजना भी बड़े स्तर पर लागू है।
हर महीने लगभग 1.20 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं महिलाएं कर रही हैं।
इस योजना पर अब तक 2,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
इससे छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा मिल रही है और कामकाजी महिलाओं का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
वर्किंग वुमेन हॉस्टल और रोजगार सहायता
राज्य में कामकाजी महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोहाली, जालंधर और अमृतसर में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। इनमें क्रेच की सुविधा भी होगी ताकि महिलाएं अपने बच्चों की देखभाल के साथ नौकरी कर सकें।
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सेनेटरी पैड योजना
महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा को ध्यान में रखते हुए “नई दिशा योजना” के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र महिलाओं को हर महीने 9 मुफ्त सेनेटरी पैड दिए जा रहे हैं।
अब तक 13.65 लाख महिलाओं को 7.37 करोड़ सेनेटरी पैड वितरित किए जा चुके हैं।
मातृ वंदना योजना से माताओं को लाभ
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत:
पहले बच्चे के जन्म पर महिलाओं को 5,000 रुपये दो किस्तों में दिए जाते हैं।
दूसरी बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।
पंजाब में चार वर्षों के दौरान 4,22,492 लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक है।
आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत किया
राज्य में प्रारंभिक बाल विकास सेवाओं को मजबूत करने के लिए:
पिछले चार वर्षों में 4,400 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती की गई।
6,100 से अधिक पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
इसके साथ ही राज्य में 1,000 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 780 पूरे हो चुके हैं।
मिशन जीवनजोत के तहत बच्चों का बचाव
बाल संरक्षण के लिए शुरू किए गए “मिशन जीवनजोत” के तहत अब तक 1,027 बच्चों को बचाया गया। इनमें से कई बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया, जबकि अन्य को बाल संरक्षण संस्थानों में रखा गया है।
बाल विवाह रोकने के लिए भी सरकार ने सख्त कदम उठाए। पिछले चार वर्षों में सामने आए 165 मामलों में से 150 बाल विवाह रोके गए और बाकी मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई।
अनाथ और जरूरतमंद बच्चों के लिए सहायता
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की मदद के लिए स्पॉन्सरशिप योजना के तहत हर महीने 11,000 से अधिक बच्चों को 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इसके अलावा राज्य में 16 नए सरकारी दत्तक ग्रहण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से अब तक 164 बच्चों को गोद दिलाया गया है।
सामाजिक न्याय की दिशा में प्रयास
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ये सभी पहलें मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और राज्य में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत बने।










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