चंडीगढ़: State Vigilance and Anti-Corruption Bureau ने IDFC First Bank से जुड़े एक प्रकरण की जांच के दौरान कई खाताधारकों के बैंक खाते अस्थायी रूप से फ्रीज किए जाने को लेकर आमजन से अपील जारी की है। ब्यूरो ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति या फर्म को लगता है कि उसका बैंक खाता गलती से फ्रीज कर दिया गया है और उसका इस धोखाधड़ी प्रकरण से कोई संबंध नहीं है, तो वह अपना प्रतिवेदन भेज सकता है।
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, जांच के दौरान संदिग्ध लेन-देन और संभावित धोखाधड़ी से जुड़े खातों की पहचान करते हुए कई खातों में राशि को अस्थायी रूप से होल्ड किया गया है। यह कदम जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और संभावित आर्थिक अपराधों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी खाताधारक का इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उसका खाता गलत तरीके से फ्रीज हो गया है, तो उसे राहत प्रदान की जाएगी।
ब्यूरो ने ऐसे खाताधारकों को निर्देश दिया है कि वे अपना लिखित प्रतिवेदन विजिलेंस ब्यूरो के टोल-फ्री व्हाट्सएप नंबर 941-7891064 पर भेज सकते हैं। प्रतिवेदन में खाताधारक को अपना नाम, बैंक खाता विवरण, संबंधित फर्म की जानकारी (यदि लागू हो) और यह स्पष्ट करना होगा कि उसका खाता इस कथित धोखाधड़ी मामले से किस प्रकार असंबंधित है।
State Vigilance and Anti-Corruption Bureau ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त सभी प्रतिवेदनों की गंभीरता से जांच और समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित व्यक्ति या फर्म का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है, तो आवश्यक कार्रवाई करते हुए खाते से होल्ड हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ब्यूरो ने यह भी बताया कि प्राप्त प्रतिवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटों के भीतर संबंधित व्यक्ति को उसके आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी दे दी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्दोष खाताधारकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
विजिलेंस ब्यूरो ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और यदि उनका खाता इस प्रकरण में प्रभावित हुआ है, तो निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से अपना पक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों को सहयोग करने की भी अपील की गई है।










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