June 10, 2026 12:49 pm

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान: “मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना” के तहत महिलाओं को हर महीने मिलेगी आर्थिक सहायता

चंडीगढ़/पंजाब, 8 मार्च: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने विधानसभा में महिलाओं के लिए महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना” शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत राज्य की सभी वयस्क महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें परिवार व समाज में मजबूत भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि इसका पारदर्शी और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
महिलाओं को हर महीने मिलेगी आर्थिक सहायता
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत पंजाब की वयस्क महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह
अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह
यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं होंगी पात्र
योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाएं पंजीकरण कराकर इसका लाभ ले सकेंगी। सरकार का दावा है कि राज्य की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी, जो किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सबसे अधिक है।
खास बात यह है कि जो महिलाएं पहले से ही बुढ़ापा पेंशन, विधवा या बेसहारा महिला पेंशन तथा दिव्यांगता पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी।

इन वर्गों को नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की हैं। निम्नलिखित वर्गों की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी:
वर्तमान या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी
वर्तमान या पूर्व सांसद (MP) या विधायक (MLA)
आयकर (इनकम टैक्स) देने वाले व्यक्ति
दुनिया की पहली ‘सर्व-व्यापक कैश ट्रांसफर’ योजना का दावा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह दुनिया की पहली ऐसी “सर्व-व्यापक कैश ट्रांसफर योजना” होगी, जिसमें राज्य की लगभग सभी वयस्क महिलाओं को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को घरेलू निर्णयों में अधिक मजबूत बनाना, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार करना तथा बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना भी है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान का विजन
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann का लक्ष्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल कुछ प्रतिशत महिलाओं के नहीं बल्कि पंजाब की सभी महिलाओं के मुख्यमंत्री हैं।
चीमा ने कहा कि चाहे कोई बेटी कॉलेज में पढ़ाई कर रही हो और उसे अतिरिक्त किताबों की जरूरत हो, कोई युवती सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए कोचिंग लेना चाहती हो, या कोई महिला अपने व्यक्तिगत खर्चों के लिए पैसे चाहती हो—अब उन्हें किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

हरियाणा की योजना पर साधा निशाना
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में अप्रत्यक्ष रूप से पड़ोसी राज्य हरियाणा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने ऐसी योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन उन्हें केवल सीमित वर्ग तक ही सीमित रखा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक पड़ोसी राज्य ने ऐसी योजना को केवल 1 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों तक सीमित कर दिया, जिससे केवल लगभग 20 प्रतिशत वयस्क महिलाएं ही उसका लाभ ले सकीं।
इसके विपरीत, पंजाब सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य की लगभग सभी वयस्क महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में कदम
सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं को अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और वे परिवार के आर्थिक फैसलों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभदायक हो सकती हैं, क्योंकि इससे उन्हें नियमित आय का एक स्रोत मिलेगा।

2026-27 में होगा क्रियान्वयन
सरकार ने घोषणा की है कि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 में लागू किया जाएगा। इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे योजना का व्यापक स्तर पर संचालन किया जा सके।
पंजाब सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य में नारी सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी और महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक तथा शैक्षिक रूप से आगे बढ़ने में मदद करेगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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