चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम में सामने आए कथित एफडी घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। नगर निगम प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अकाउंट्स ब्रांच की सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II रजनी रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
नगर निगम आयुक्त Amit Kumar द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई Chandigarh Smart City Limited के खातों की जांच के दौरान सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के आधार पर की गई है।
रिकॉर्ड जांच में सामने आईं गड़बड़ियां
जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के संचालन, संपत्तियों और देनदारियों को नगर निगम को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रक्रिया के तहत जब खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई तो कई महत्वपूर्ण विसंगतियां सामने आईं।
जांच में पाया गया कि बैंक खातों में मौजूद फंड बैलेंस का मिलान अकाउंट्स बुक्स में दर्ज आंकड़ों से सही तरीके से नहीं किया गया था। वित्तीय दस्तावेजों और बैंक बैलेंस में अंतर मिलने के बाद इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के मानकों का उल्लंघन दर्शाता है।
कर्तव्य में लापरवाही का आरोप
आदेश में कहा गया है कि वित्तीय मामलों की निगरानी की जिम्मेदारी निभा रहीं सुपरिंटेंडेंट रजनी रानी की ओर से कर्तव्य में गंभीर लापरवाही पाई गई है। इसी आधार पर प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया।
निलंबन अवधि के दौरान रजनी रानी का मुख्यालय नगर निगम की एस्टेब्लिशमेंट ब्रांच निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वह बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी।
आगे और कार्रवाई की संभावना
नगर निगम सूत्रों के अनुसार खातों की विस्तृत जांच अभी जारी है और मामले में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। यदि जांच में और अनियमितताएं सामने आती हैं तो प्रशासन द्वारा अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











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