April 6, 2026 3:21 am

April 6, 2026 3:21 am

चंडीगढ़ में कांग्रेस में घमासान: क्रॉस वोटिंग विवाद पर धरना, हुड्डा ने दी क्लीन चिट — नाम जल्द होंगे सार्वजनिक

चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने के विवाद ने पार्टी को अंदर से हिला दिया है। इसी कड़ी में सिरसा से विधायक गोकुल सेतिया और नांगल चौधरी से विधायक मंजू चौधरी बुधवार को सेक्टर-9 स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
दोनों विधायकों ने आरोप लगाया कि उनका नाम उन विधायकों में उछाला जा रहा है जिनके वोट रद्द हुए या जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी नेतृत्व तुरंत ऐसे विधायकों के नाम सार्वजनिक करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके और बेवजह बदनाम होने से बचा जा सके।

हुड्डा पहुंचे धरने पर, हाथ पकड़कर उठाया
धरने की खबर मिलते ही हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों विधायकों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया। इसके बाद हुड्डा ने गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी को हाथ पकड़कर धरने से उठाया और अपनी गाड़ी में बैठाकर विधानसभा ले गए।
यह घटनाक्रम पूरे दिन राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।

 

हुड्डा ने दी क्लीन चिट, 2-3 दिन में खुलासा
मीडिया से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दोनों विधायकों को पूरी तरह क्लीन चिट देते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
उन्होंने कहा,
“कोई भी विधायक गलत नहीं है। जिन विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप हैं, उनके नाम 2-3 दिन में सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।”
हुड्डा के इस बयान से फिलहाल धरने पर बैठे विधायकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन विवाद अभी थमा नहीं है।

 

हाईकोर्ट जाएंगे निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल
राज्यसभा चुनाव में हार के बाद निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने अब कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाने का ऐलान किया है।
नांदल का आरोप है कि कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल का वोट नियमों के खिलाफ था और उसे रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मतदान के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बेनीवाल को छुआ, जबकि नियमों के अनुसार दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।

कांग्रेस में अंदरूनी कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग करने वाले करीब 5 विधायकों की पहचान हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
पार्टी हाईकमान फिलहाल सीधे सस्पेंशन के बजाय कारण बताओ नोटिस जारी करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। हालांकि, पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

राजनीतिक असर: बढ़ सकता है विवाद
राज्यसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने के संकेत दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस अंदरूनी कलह से जूझ रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर हमलावर हो सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस हाईकमान कब तक क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के नाम सार्वजनिक करता है और क्या कार्रवाई होती है।

(यह खबर लगातार अपडेट हो रही है, ताजा जानकारी के लिए जुड़े रहें…babugirihindi.com)

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 3 4 4
Total Users : 291344
Total views : 493640

शहर चुनें