बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
पंचकूला, 6 अगस्त 2026। पंचकूला नगर निगम में करीब 107.24 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 131.13 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। इसके साथ ही ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत में नौ आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल कर दी है।
ईडी की जांच के अनुसार, यह कार्रवाई हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। जांच में सामने आया कि नगर निगम के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये का गबन किया गया। बाद में इस राशि को विभिन्न व्यक्तियों और कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर धन के स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया।
फर्जी खातों के जरिए किया गया करोड़ों का लेन-देन
जांच एजेंसी के अनुसार, तत्कालीन बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों की कथित मिलीभगत से नगर निगम के नाम पर अनधिकृत बैंक खाते खोले गए। फर्जी प्राधिकरण पत्रों का इस्तेमाल कर नगर निगम के वास्तविक खातों से करोड़ों रुपये इन खातों में स्थानांतरित किए गए। इसके बाद रकम को कई खातों में भेजकर निवेश, महंगी संपत्तियां और लग्जरी वाहन खरीदे गए।
लग्जरी वाहन और अचल संपत्तियां भी जांच के दायरे में
ईडी की जांच में पोर्श, बीएमडब्ल्यू, जीप रैंगलर, टोयोटा लैंड क्रूजर, हार्ले डेविडसन समेत कई महंगे वाहन खरीदने का खुलासा हुआ है। कुर्क की गई संपत्तियों में 12.85 करोड़ रुपये बैंक खातों में जमा राशि और 118.28 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां शामिल हैं।
मुख्य आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
मामले के मुख्य आरोपी पुष्पिंदर सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ईडी का कहना है कि धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और आगे भी इस मामले में नई गिरफ्तारियां व संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई हो सकती है।
ईडी ने कहा है कि आरोपियों द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग कर उसे फर्जी खातों और निवेश के माध्यम से वैध दिखाने की कोशिश की गई, जिसकी जांच अभी भी जारी है। मामले में अदालत के समक्ष चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।












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