उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक, एक सप्ताह तक रोजाना कैंप लगाने के निर्देश; होटल-रेस्टोरेंट को प्राथमिकता
चंडीगढ़: Chandigarh में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) तथा होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए रणनीति तैयार की गई।
बैठक में सामने आया कि शहर में वर्तमान में लगभग 3.08 लाख एलपीजी कनेक्शन हैं, जबकि PNG कनेक्शनों की संख्या महज 22,000 के करीब है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का कार्यान्वयन Indian Oil Adani Gas Limited द्वारा किया जा रहा है, जिसने अब तक शहर के करीब 30 प्रतिशत हिस्से में पाइपलाइन और अन्य आधारभूत संरचना स्थापित कर दी है। इसके बावजूद PNG को अपनाने की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
उपायुक्त ने बैठक में स्पष्ट किया कि PNG एक सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, जिसकी आपूर्ति भी लगातार बनी रहती है। उन्होंने कहा कि शहर में प्रदूषण कम करने और नागरिकों को सुविधाजनक ईंधन उपलब्ध कराने के लिए PNG को तेजी से अपनाना जरूरी है।
घर-घर अभियान से बढ़ेगा कनेक्शन आधार
PNG कनेक्शनों की संख्या को तेजी से बढ़ाने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जिन सेक्टरों में PNG नेटवर्क पहले से मौजूद है, वहां घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने निकट भविष्य में PNG कनेक्शन 22,000 से बढ़ाकर 1 लाख करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले एक सप्ताह तक समूह आवासीय सोसायटियों में प्रतिदिन दो कैंप आयोजित करें। इन कैंपों में निवासियों की शंकाओं का समाधान किया जाएगा और उन्हें एलपीजी से PNG में शिफ्ट होने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों को प्राथमिकता
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बड़े ईंधन उपभोक्ताओं जैसे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को प्राथमिकता के आधार पर PNG नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे न केवल गैस की खपत में पारदर्शिता आएगी बल्कि व्यवसायों को भी निरंतर और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध हो सकेगा।
संबंधित CGD एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि वह वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार को तेज करे और अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों को PNG से जोड़े।
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए सख्त निर्देश
नगर निगम और इंजीनियरिंग विभाग को पाइपलाइन बिछाने से जुड़ी स्वीकृतियों को तेजी से मंजूरी देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन चाहता है कि जिन सेक्टरों में अभी PNG सुविधा नहीं पहुंची है, वहां भी समयबद्ध तरीके से नेटवर्क का विस्तार किया जाए।
RWA और स्थानीय प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) और स्थानीय प्रतिनिधियों को इस अभियान का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। वे लोगों को जागरूक करने और एलपीजी से PNG में बदलाव के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा और योजना को जमीन पर लागू करने में मदद मिलेगी।
एक सप्ताह में कनेक्शन देने के निर्देश
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में PNG की आधारभूत संरचना पहले से मौजूद है, वहां एक सप्ताह के भीतर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही सभी हितधारकों—सरकारी विभागों, एजेंसियों और सामाजिक संगठनों—से इस पहल को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग की अपील की गई।
प्रशासन का मानना है कि यदि यह योजना निर्धारित समय में लागू होती है, तो चंडीगढ़ देश के उन अग्रणी शहरों में शामिल हो सकता है, जहां स्वच्छ और पाइप्ड गैस का व्यापक उपयोग होता है।












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