June 17, 2026 9:27 pm

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PANCHKULA: नगर निगम में160 करोड़ गबन मामला: सन्नी गर्ग के ईमेल बयान से जांच में नया मोड़, जान से मारने की धमकियों का आरोप,पढ़े मेल

बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 15 अप्रैल 2026: पंचकूला नगर निगम में चर्चित 160 करोड़ रुपये के कथित गबन और बैंक धोखाधड़ी मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में दर्ज एफआईआर नंबर-5 (दिनांक 24 मार्च 2026) से जुड़े इस मामले में सन्नी गर्ग नामक व्यक्ति ने ईमेल के माध्यम से अपना विस्तृत बयान भेजते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
सन्नी गर्ग ने अपने बयान में दावा किया है कि उसे करीब 70 करोड़ रुपये का लोन ऊंची ब्याज दरों पर दिया गया था और बाद में उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं। ईमेल में आरोप लगाया गया है कि कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस प्रेसीडेंट पुष्पिंदर चौधरी ने स्वाति तोमर और रजत दह्रा के खातों के माध्यम से यह राशि “अनसिक्योर्ड लोन” के रूप में दिलवाई थी। आरोप है कि इस लोन पर बाजार दर से कहीं अधिक ब्याज वसूला जा रहा था।

आयकर छापे में मिले अहम सबूत
सन्नी गर्ग के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को आयकर विभाग ने उसके आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान उसने शपथपूर्वक अपना बयान दर्ज कराया और व्हाट्सएप चैट समेत कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच एजेंसियों ने जब्त किए। इन चैट्स में कथित तौर पर लोन और ब्याज वसूली से जुड़ी बातचीत शामिल है।
गर्ग ने यह भी दावा किया कि उसने लोन की अधिकांश राशि बैंकिंग चैनल और नकद माध्यम से लौटा दी थी, लेकिन आर्थिक नुकसान के कारण कुछ किस्तें समय पर नहीं चुका पाने पर उस पर दबाव बढ़ा दिया गया।

धमकी और दबाव के आरोप
अपने बयान में सन्नी गर्ग ने आरोप लगाया है कि आरोपी खुद को बेहद प्रभावशाली बताते थे और पुलिस सुरक्षा के साथ घूमते थे। उन्होंने कथित तौर पर बड़े राजनेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और गैंगस्टरों से संबंध होने का दावा कर उसे डराया-धमकाया।
गर्ग के अनुसार, आयकर छापे के बाद आरोपियों का रवैया और आक्रामक हो गया और 10 फरवरी 2026 तक पूरी रकम ब्याज सहित लौटाने का दबाव बनाया गया। ऐसा न करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। इन परिस्थितियों के चलते वह अपने परिवार सहित घर छोड़कर छिपने को मजबूर हो गया और फिलहाल विदेश में रह रहा है।
सन्नी गर्ग ने यह भी दावा किया है कि रजत दह्रा की ओर से उसे धमकी भरा ऑडियो संदेश भी मिला है, जिसे वह जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को सौंपेगा।

जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग
अपने ईमेल बयान में गर्ग ने स्पष्ट किया कि उसका आरोपियों से संबंध केवल लोन तक सीमित था और उसे पैसों के वास्तविक स्रोत की जानकारी नहीं थी। उसने आयकर विभाग के सामने दिए गए अपने बयान को आधार मानते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पहले ही हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि एंटी करप्शन ब्यूरो इस मामले में पहले ही पुष्पिंदर चौधरी, स्वाति तोमर और रजत दह्रा समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह पूरा मामला कथित बैंक धोखाधड़ी और नगर निगम पंचकूला से जुड़े वित्तीय घोटाले से संबंधित बताया जा रहा है।

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अब आगे क्या?
सन्नी गर्ग के ताजा बयान के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई नए पहलू खुल सकते हैं। एसीबी अब ईमेल में दिए गए तथ्यों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कथित ऑडियो क्लिप की जांच कर सकती है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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