RTE के तहत नजदीकी स्कूलों में एडमिशन की मांग, निदेशक ने दिया समाधान का भरोसा
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 15 अप्रैल: मनीमाजरा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले को लेकर बढ़ती परेशानियों के बीच बुधवार को एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशक (DSE) नितीश सिंगला, PCS से मुलाकात कर जमीनी हालात से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने अभिभावकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए जल्द समाधान की मांग की।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता, RWA ने लिया संज्ञान
पिछले कई दिनों से मनीमाजरा के निवासी और अभिभावक बच्चों के एडमिशन में आ रही दिक्कतों को लेकर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के पास शिकायतें दर्ज करा रहे थे। अभिभावकों का कहना है कि ‘शिक्षा का अधिकार’ होने के बावजूद उनके बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं मिल रहा और उन्हें भटकना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा निदेशक से मिलने पहुंचा और विस्तृत चर्चा की।
PWT और मॉडर्न कॉम्प्लेक्स के बच्चों का मुद्दा उठाया
प्रतिनिधिमंडल ने एक मांग पत्र सौंपते हुए विशेष रूप से पीपली वाला टाउन (PWT) और मॉडर्न कॉम्प्लेक्स (सब्जी मंडी क्षेत्र) के बच्चों को ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE)’ के तहत उनके निवास के पास स्थित स्कूलों में दाखिला दिलाने की मांग रखी।
गवर्नमेंट मॉडल मिडल स्कूल में अव्यवस्थाओं का आरोप
मुलाकात के दौरान पिपली वाला टाउन RWA के प्रधान रमेश कुमार गोयल, ऑल मनीमाजरा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एस.एस. परवाना और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने गवर्नमेंट मॉडल मिडल स्कूल, मनीमाजरा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में व्याप्त अव्यवस्थाओं को भी उजागर किया।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
निदेशक ने दिया भरोसा
शिक्षा निदेशक नितीश सिंगला ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे स्वयं इस पूरे मामले की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में बच्चों के दाखिले में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा नहीं आने दी जाएगी और लंबित शिकायतों का भी जल्द समाधान किया जाएगा।

आंदोलन की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यदि बच्चों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उम्मीदें बढ़ीं
बैठक के बाद एसोसिएशन पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन के सकारात्मक रुख से जल्द ही क्षेत्र के बच्चों को उनके अधिकार के अनुसार नजदीकी स्कूलों में शिक्षा मिल सकेगी।











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