एक करोड़ की रेनोवेशन पर उठे सवाल
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
पंचकूला, 28 जून। प्रदेश की मिनी राजधानी कहे जाने वाले पंचकूला के बस स्टैंड की व्यवस्थाएं इन दिनों यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। भीषण गर्मी में जहां यात्री पसीने से तर-बतर होकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं, वहीं बस स्टैंड परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
यात्रियों का आरोप है कि बस स्टैंड पर आधे से ज्यादा प्वाइंट पर पंखे ही नहीं लगे हैं। जो पंखे लगे हैं, उनमें से भी कई पर्याप्त हवा नहीं दे रहे। गर्मी से राहत पाने के लिए यात्री केवल कुछ पंखों के नीचे बैठने को मजबूर हैं। यात्रियों के अनुसार पूरे बस स्टैंड परिसर में गिने-चुने करीब 5 पंखों के सहारे ही लोगों को राहत मिल रही है।

एसी कमरों में बैठे अधिकारी, यात्रियों की परेशानी से बेखबर
यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी और कर्मचारी एसी कमरों में बैठे रहते हैं, लेकिन बाहर गर्मी में परेशान हो रहे यात्रियों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोगों का आरोप है कि बस स्टैंड इंचार्ज ऑफिस में बैठकर यात्रियों को गर्मी में परेशान होते हुए देखते रहते हैं, लेकिन व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।

सुबह के समय नहीं होती बस स्टैंड की निगरानी
यात्रियों ने बताया कि सुबह के समय जब बसों की आवाजाही ज्यादा रहती है, उस समय बस स्टैंड की देखरेख के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं होता। यात्रियों को परेशानी होने पर शिकायत किससे करें, यह भी स्पष्ट नहीं है।

एक करोड़ की रेनोवेशन के बाद भी सुविधाओं का अभाव
गौरतलब है कि पिछले साल पंचकूला बस स्टैंड की रेनोवेशन पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद यात्रियों को गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पंखे, बेहतर व्यवस्था और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अब इस खर्च और काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। बस स्टैंड का एक साइड का शौचालय रेनोवेशन के बाद फिर दुबारा रेनोवेशन के लिए बंद है। महिला वेटिंग रूम कम शौचालय के ताला लगा गया है। जो कि बस अड्डा इंचार्ज ऑफिस के साथ लगते है।

इंक्वायरी काउंटर पर बिना वर्दी कर्मचारी, व्यवस्था पर सवाल
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि बस स्टैंड के इंक्वायरी काउंटर पर कई बार कर्मचारी बिना वर्दी के दिखाई देते हैं, जिससे यात्रियों को यह पता नहीं चलता कि जिम्मेदार व्यक्ति कौन है। जानकारी लेने या शिकायत दर्ज करवाने में यात्रियों को परेशानी होती है।

परिवहन मंत्री से जांच की मांग
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने हरियाणा परिवहन मंत्री से मामले की जांच करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो यात्रियों को सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।

लोगों का कहना है कि पंचकूला जैसे महत्वपूर्ण शहर के बस स्टैंड की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। प्रशासन को केवल भवन और सौंदर्यीकरण पर नहीं बल्कि यात्रियों को मिलने वाली वास्तविक सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
मामले में रोडवेज के एक सीनियर कर्मचारी ने कहा कि जल्दी ही पंचकूला बस स्टैंड एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगा, इसलिए कोई कार्य नही करवाया जा रहा है














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