July 22, 2026 10:34 pm

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CHANDIGARH: मुख्य न्यायाधीश ने सेक्टर-43 जिला न्यायालय में ₹65.64 करोड़ की बहुस्तरीय पार्किंग का किया उद्घाटन

रमेश गोयत
चंडीगढ़, 18 जुलाई। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को सेक्टर-43 स्थित जिला न्यायालय परिसर में नवनिर्मित बहुस्तरीय पार्किंग सुविधा का उद्घाटन किया। लगभग ₹65.64 करोड़ की लागत से चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा विकसित इस आधुनिक परियोजना का उद्देश्य जिला न्यायालय परिसर में वर्षों से चली आ रही पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान करना है। करीब 4.5 एकड़ क्षेत्र में निर्मित इस पार्किंग के पहले चरण में 1,174 कारों की पार्किंग क्षमता विकसित की गई है।
इस सुविधा से अधिवक्ताओं, न्यायाधीशों, न्यायालय कर्मचारियों, वादकारियों, पुलिस कर्मियों तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक पार्किंग उपलब्ध होगी। उम्मीद है कि इससे न्यायालय परिसर के आसपास लगने वाले यातायात जाम में भी कमी आएगी।


उद्घाटन समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह और न्यायमूर्ति शील नागू, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा, न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल, न्यायमूर्ति जे.एस. पुरी, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति लिसा गिल, वर्तमान एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश, सांसद, महापौर, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी, बार के सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि चंडीगढ़ उनकी “कर्मभूमि” रहा है और इस परियोजना का उद्घाटन उनके लिए भावनात्मक क्षण है। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय में पार्किंग की समस्या लंबे समय से अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी, जिसे यह परियोजना काफी हद तक दूर करेगी। उन्होंने बार के सदस्यों से पार्किंग सुविधा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बदलते समय के साथ न्यायिक आधारभूत ढांचे का भी आधुनिकीकरण आवश्यक है। नागरिक हितैषी सुविधाएं न्याय तक पहुंच को आसान बनाती हैं और न्यायपालिका के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत न्यायिक आधारभूत ढांचा न्याय व्यवस्था की रीढ़ है और इस प्रकार की परियोजनाएं अब विलासिता नहीं बल्कि सार्वजनिक आवश्यकता बन चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस बहुस्तरीय पार्किंग परियोजना की पहल उनके भवन समिति के अध्यक्ष रहने के दौरान की गई थी।
राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस अत्याधुनिक पार्किंग सुविधा के उद्घाटन पर विधिक समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि इससे न्यायालय परिसर के आसपास यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सभी हितधारकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि नियोजित शहर चंडीगढ़ में आधुनिक आधारभूत ढांचे का विकास उसकी विरासत के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने न्यायपालिका और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि इसी सहयोग से ऐसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकी हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से समाज को सुलभ और किफायती न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य करने का आह्वान भी किया।
इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं भवन समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल ने परियोजना के सफल क्रियान्वयन में मुख्य न्यायाधीश के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
नई बहुस्तरीय पार्किंग में यात्री लिफ्ट, सीसीटीवी निगरानी, अग्निशमन एवं अग्नि पहचान प्रणाली, बेसमेंट में मैकेनिकल वेंटिलेशन, दिव्यांगजन के लिए रैंप एवं आरक्षित पार्किंग, चालक विश्राम कक्ष तथा आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा निर्मित यह परियोजना जिला न्यायालय परिसर में यातायात प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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