आयोग की टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, स्कूल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच जुटाई जानकारी;
बच्ची के परिजनों ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर जताई थी गंभीर चिंता
बाबूगिरी न्यूज़
पंचकूला, 31 अक्टूबर। पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में केजी कक्षा की मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर हुई बर्बर मारपीट का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस घटना को लेकर हरियाणा सरकार की ओर से जांच कमेटी गठित किए जाने के बाद अब हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए अपनी जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। शनिवार को आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा और असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा स्कूल पहुंचे। आयोग की टीम ने स्कूल परिसर का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना से जुड़ी परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया।
आयोग की टीम के स्कूल पहुंचने से इस मामले में प्रशासनिक और संस्थागत जवाबदेही का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। अब यह देखा जाएगा कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे, घटना के समय निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी और कथित मारपीट के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाए गए।
स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
इस घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। बच्ची के चाचा फाजिल ने आरोप लगाया था कि स्कूल में इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद परिजनों को समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि जब बच्ची घायल अवस्था में थी, तब उसे देखने और परिजनों तक पहुंचने की प्रक्रिया में भी गंभीर चूक दिखाई दी। चाचा फाजिल के अनुसार, जिस छात्र पर बच्ची के साथ मारपीट करने का आरोप है, वही छात्र परिजनों को घायल बच्ची तक लेकर पहुंचा था। इस दावे ने स्कूल की आंतरिक निगरानी, शिक्षकों की मौजूदगी और बच्चों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी जांच के दायरे में
मामले में स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान पर छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी होनी चाहिए। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि घटना के समय संबंधित स्थान पर कैमरे लगे थे या नहीं, कैमरे काम कर रहे थे या नहीं और उनकी रिकॉर्डिंग में घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आते हैं या नहीं।
आयोग की जांच में इन पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि घटना के समय संबंधित कक्षाओं और स्कूल परिसर में शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी क्या थी और बच्चों की निगरानी की जिम्मेदारी किसके पास थी।
सरकार की जांच कमेटी भी कर रही है मामले की पड़ताल
इस मामले में हरियाणा सरकार पहले ही जांच कमेटी गठित कर चुकी है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने भी घटना पर गंभीरता जताते हुए कहा है कि कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। उन्होंने जांच में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सरकारी जांच के साथ मानवाधिकार आयोग की ओर से घटनास्थल का निरीक्षण किए जाने के बाद अब मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच पर नजर रहेगी। दोनों स्तरों पर होने वाली पड़ताल में स्कूल प्रशासन की भूमिका, सुरक्षा इंतजाम, शिक्षकों की जिम्मेदारी और घटना के बाद उठाए गए कदम महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मासूम बच्चों की सुरक्षा और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही का सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है। खासकर प्राथमिक और पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की निगरानी के लिए विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है। स्कूल परिसर में बच्चों की आवाजाही, कक्षाओं के बीच निगरानी, शिक्षकों की उपलब्धता और किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल परिसर के भीतर इतनी गंभीर घटना कथित तौर पर कैसे हुई और समय रहते इसे रोकने या घायल बच्ची को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग की टीम के स्कूल दौरे के बाद अब आयोग की आगे की जांच और रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं। वहीं, बच्ची के परिजन भी मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि आयोग की जांच में स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और प्रबंधन की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं तथा सरकार की जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर क्या कार्रवाई की जाती है।












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