August 29, 2026 1:39 am

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NCR में पुराने वाहनों पर सख्ती: 12 साल पुराने पेट्रोल-CNG और 10 साल पुराने डीजल पर्यटन वाहनों पर रोक

चंडीगढ़: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। हरियाणा परिवहन विभाग ने एनसीआर क्षेत्र के 14 जिलों में 12 साल से पुराने पेट्रोल और सीएनजी पर्यटन वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं डीजल पर्यटन वाहनों के लिए यह सीमा केवल 10 साल तय की गई है।

एनसीआर में वाहनों की तय उम्र
परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाले पेट्रोल और सीएनजी वाहनों की अधिकतम उम्र एनसीआर क्षेत्र में 12 वर्ष होगी।
वहीं डीजल वाहनों के लिए यह अवधि घटाकर 10 वर्ष कर दी गई है।

गैर-एनसीआर क्षेत्रों में नियम अलग
गैर-एनसीआर जिलों में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाली पेट्रोल, सीएनजी और डीजल गाड़ियों की अधिकतम उम्र 12 वर्ष ही रहेगी। इन क्षेत्रों में फिलहाल डीजल वाहनों पर अतिरिक्त सख्ती लागू नहीं की गई है।

10 साल से ज्यादा पुराने वाहन नहीं चल सकेंगे
नए आदेशों के लागू होने के बाद एनसीआर के 14 जिलों में केवल वही पर्यटन वाहन चल सकेंगे जिनका रजिस्ट्रेशन तय सीमा के भीतर होगा।
इसके अलावा अब 10 साल से अधिक पुराने रोडवेज बस, प्राइवेट बस, टूरिस्ट वाहन, स्कूल बस, ट्रक, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और गुड्स कैरिज वाहन भी एनसीआर में नहीं चल पाएंगे।
पहले इन वाहनों को 15 साल तक चलाने की अनुमति थी, लेकिन अब उनकी समय-सीमा 5 साल घटा दी गई है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को मौके पर ही जब्त किए जाने का प्रावधान किया गया है।

एनसीआर में शामिल हरियाणा के 14 जिले
हरियाणा के कुल 23 जिलों में से 14 जिले एनसीआर क्षेत्र में आते हैं, जो राज्य के लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्रफल को कवर करते हैं।
एनसीआर में शामिल जिले हैं—
नूंह, रोहतक, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल।
एनसीआर से बाहर के जिले
एनसीआर क्षेत्र से बाहर हरियाणा के 9 जिले आते हैं—
पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा, कैथल, हांसी, फतेहाबाद और अंबाला।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए लिया गया फैसला
सरकार का कहना है कि एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के पीछे वाहनों से निकलने वाला धुआं एक बड़ी वजह है। पुराने वाहन अपेक्षाकृत ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।
दिसंबर में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद अब अधिसूचना जारी कर इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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