चंडीगढ़, 12 फरवरी 2026: दिव्यांगजनों की कला, कौशल और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘दिव्य कला मेला’ का आयोजन 13 से 21 फरवरी 2026 तक सेक्टर-34 ग्राउंड (गुरुद्वारा साहिब के सामने), चंडीगढ़ में किया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को यू.टी. गेस्ट हाउस, सेक्टर-6 में आयोजित प्रेस वार्ता में मेले की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रेस वार्ता की अध्यक्षता राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री अनिल कुमार ने की। उन्होंने बताया कि यह मेला देश के लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए करीब 100 दिव्यांग शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देगा। यह आयोजन समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने और दिव्यांगजनों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
यह विशेष प्रदर्शनी-सह-मेला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें NDFDC नोडल एजेंसी की भूमिका निभा रहा है। मेले का उद्देश्य दिव्यांग उद्यमियों और कारीगरों के उत्पादों, कौशल और कारीगरी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में देशभर में आयोजित 28 दिव्य कला मेलों के माध्यम से दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों को व्यापक विपणन अवसर मिले हैं, जिससे ₹23 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ है। इन मेलों ने सांस्कृतिक विविधता के प्रदर्शन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूती दी है।
दिव्य कला मेले में हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, कढ़ाई कार्य, पैकेज्ड एवं ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ, होम डेकोर और लाइफस्टाइल उत्पाद, वस्त्र, स्टेशनरी, पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद, खिलौने, उपहार, आभूषण और क्लच बैग सहित अनेक आकर्षक वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी।
यह मेला केवल एक बिक्री मंच नहीं होगा, बल्कि विशेष अनुभव क्षेत्र, दिव्यांग खेल, कला प्रस्तुतियां और संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज में दिव्यांगता के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ाएगा। यह आयोजन दिव्यांग शिल्पकारों, कलाकारों और उद्यमियों की प्रतिभा और उद्यमशीलता को उजागर करेगा।
नौ दिवसीय मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। मेले के दौरान दिव्यांग कलाकारों के साथ-साथ प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 21 फरवरी 2026 को विभिन्न राज्यों से आए दिव्यांग कलाकारों द्वारा “दिव्य कला शक्ति” नामक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा, देश के विभिन्न हिस्सों के व्यंजनों के फूड स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

मेले का औपचारिक उद्घाटन 14 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री द्वारा किया जाएगा, जिसमें कई गणमान्य अतिथि भी शामिल होंगे।
दिव्य कला मेला को समावेशन, उद्यमिता और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की एक राष्ट्रीय पहल के रूप में देखा जा रहा है। चंडीगढ़ में आयोजित इस मेले में विभिन्न दिव्यांगताओं से जुड़े अनुभव क्षेत्र, दिव्यांगजन स्टार्टअप्स, नवीन सहायक उपकरण और सहायक तकनीकों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो इसे एक जीवंत और समावेशी आयोजन बनाएगा।












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