August 30, 2026 4:30 am

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चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के खातों में वित्तीय अनियमितता का मामला, नगर निगम की सुपरिंटेंडेंट रजनी रानी सस्पेंड

चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के संचालन, संपत्तियों और देनदारियों को नगर निगम चंडीगढ़ में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए Amit Kumar ने नगर निगम की सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II रजनी रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
नगर निगम द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, वर्ष 2025 की शुरुआत में Chandigarh Smart City Limited के संचालन, संपत्तियों और देनदारियों को Municipal Corporation Chandigarh को हस्तांतरित करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत 28 फरवरी 2025 को जारी आदेशों के माध्यम से नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम को स्मार्ट सिटी सेल में तैनात किया गया था, ताकि वे स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कर्मचारियों के साथ समन्वय कर आवश्यक रिकॉर्ड प्राप्त कर सकें और कंपनी के अंतिम बंद होने तक सभी दस्तावेजों का विधिवत अधिग्रहण कर सकें।
इस टीम में पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीई संजीव चौहान, इलेक्ट्रिकल विभाग के एसडीई रुकेश कुमार, स्थापना शाखा के सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-I बलजीत सिंह, लॉ ऑफिसर चरणप्रीत सिंह, अकाउंट्स शाखा के सेक्शन ऑफिसर दीपक पठानिया, सुपरिंटेंडेंट रजनी रानी, अकाउंटेंट हरांश सिंह, कंप्यूटर प्रोग्रामर रंजीत कौर, अकाउंटेंट अनुभव, सीनियर प्रोग्रामर अंशुल और केयरटेकर अश्विनी कुमार शामिल थे।
नगर निगम के अनुसार जब स्मार्ट सिटी लिमिटेड के रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच की गई तो पाया गया कि चार्ज लेने की प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनुशासन का समुचित पालन नहीं किया गया। बैंक खातों में उपलब्ध फंड बैलेंस को लेखा पुस्तकों के साथ सही तरीके से मिलान और समायोजित नहीं किया गया, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी संभाल रही सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II रजनी रानी की ओर से कर्तव्य में लापरवाही और गंभीर उदासीनता बरती गई। इसी आधार पर केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के नियम 10(1) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान रजनी रानी का मुख्यालय नगर निगम की स्थापना शाखा कार्यालय रहेगा और उन्हें बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार स्मार्ट सिटी लिमिटेड के खातों और वित्तीय लेनदेन की आगे भी विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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