चंडीगढ़/डेस्क। आज सोमवार को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस तिथि का स्वामी ग्रह शुक्र माना जाता है, इसलिए यह दिन दान-पुण्य, धार्मिक कार्यों और शुभ योजनाओं के लिए अनुकूल माना गया है। आज पापमोचनी एकादशी का पारण भी किया जाएगा। इसके साथ ही आज सोम प्रदोष व्रत होने के कारण भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज का दिन धार्मिक गतिविधियों, दान-पुण्य और नई योजनाओं की शुरुआत के लिए शुभ माना जा रहा है। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में किसी भी शुभ कार्य से बचने की सलाह दी जाती है।
16 मार्च 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: चैत्र
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: द्वादशी
दिन: सोमवार
योग: शिव
नक्षत्र: श्रवण
करण: तैतिल
चंद्र राशि: मकर
सूर्य राशि: मीन
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 06:30 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:30 बजे
चंद्रोदय: 17 मार्च सुबह 05:20 बजे
चंद्रास्त: शाम 03:54 बजे
अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 08:00 से 09:30 बजे तक
यमगंड: सुबह 11:00 से दोपहर 12:30 बजे तक
ज्योतिष के अनुसार इन समयों में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
यात्रा और खरीदारी के लिए अनुकूल है श्रवण नक्षत्र
आज चंद्रमा मकर राशि में स्थित है और श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह नक्षत्र मकर राशि में लगभग 10 डिग्री से 23:20 डिग्री तक फैला होता है। इसके देवता भगवान विष्णु (हरि) माने जाते हैं और इस नक्षत्र पर चंद्रमा का शासन होता है।
श्रवण नक्षत्र को गतिशील और सक्रिय नक्षत्र माना जाता है। इसलिए आज के दिन कई प्रकार के कार्यों के लिए अच्छा समय माना गया है, जैसे—
यात्रा करना
वाहन चलाना या नया वाहन खरीदना
बागवानी से जुड़े कार्य
जुलूस या सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेना
मित्रों और रिश्तेदारों से मुलाकात
खरीदारी करना
अस्थायी या अल्पकालिक कार्यों की शुरुआत
आज के दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ज्योतिष के अनुसार आज राहुकाल (08:00 से 09:30 बजे) के दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् के समय भी नए कार्यों से परहेज करना बेहतर माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवार होने के कारण आज भगवान शिव की पूजा, व्रत और जलाभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है।










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