चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सदन की कार्यवाही तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के बीच आगे बढ़ी। सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई कार्यवाही में जहां सरकार ने वित्तीय एजेंडे को आगे बढ़ाया, वहीं विपक्ष ने राज्यसभा चुनाव और सदन की गरिमा के मुद्दे पर जमकर विरोध दर्ज कराया।
बजट से जुड़े अहम एजेंडे
आज सदन में बजट अनुमानों को लेकर विभिन्न समितियों की रिपोर्ट पेश की गई। इसके अलावा बजट अनुदानों की मांगों पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया भी शुरू हुई। सरकार ने तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को पुनः स्थापित करने का निर्णय लिया, जिनमें—
हरियाणा पुलिस (संशोधन) विधेयक 2026
हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2026
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026
शामिल हैं।
लंच ब्रेक तक स्थगित हुई कार्यवाही
सदन के स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने दोपहर 2 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की।
मंत्री के बयान पर बवाल, “डांस” विवाद ने पकड़ा तूल
सत्र के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी की प्रतिक्रिया पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और हंगामा शुरू कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि “सदन की गरिमा तार-तार की जा रही है, मंत्री डांस करने लगते हैं, यह कौन सा तरीका है?” उन्होंने स्पीकर से इस मामले की जांच कराने और वीडियो रिकॉर्डिंग निकलवाने की मांग की।
इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने जवाब देते हुए कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया है तो वे सदन में माफी मांगने को तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष को रिकॉर्डिंग जांचने की खुली चुनौती भी दी।
राज्यसभा चुनाव को लेकर जबरदस्त टकराव
सत्र के दूसरे हिस्से में कांग्रेस ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि “प्रजातंत्र की हत्या हो रही है, यह बहुत गंभीर मामला है।”
कांग्रेस विधायकों ने बीजेपी पर “वोट चोरी” और क्रॉस वोटिंग के आरोप लगाते हुए सदन में जोरदार नारेबाजी की।
कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने कहा कि—
“हमारे 37 विधायक हैं और बीजेपी के 48, ऐसे में गणित साफ है। फिर तीसरे सदस्य की जरूरत क्यों पड़ी? यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है।”
बार-बार स्थगन, 15 मिनट के लिए भी रुकी कार्यवाही
हंगामे के चलते स्पीकर हरविंद्र कल्याण को एक बार फिर हस्तक्षेप करना पड़ा और सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्यसभा चुनाव का मुद्दा सदन के भीतर उठाना उचित नहीं है और राजनीतिक दल इस पर बाहर चर्चा कर सकते हैं।
सदन में बढ़ता राजनीतिक तनाव
आज का सत्र यह दर्शाता है कि जहां सरकार बजट और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश में है, वहीं विपक्ष राज्यसभा चुनाव और राजनीतिक आचरण के मुद्दों पर सरकार को घेरने में जुटा हुआ है।
आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने की संभावना है, खासकर जब बजट पर अंतिम मतदान और विधेयकों पर चर्चा आगे बढ़ेगी।













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