September 19, 2026 11:37 pm

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राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर 5 कांग्रेसी विधायकों की सदस्यता सुरक्षित, दल-बदल कानून लागू नहीं: हेमंत कुमार

चंडीगढ़: हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद सामने आए क्रॉस वोटिंग के मामले में बड़ा संवैधानिक पहलू सामने आया है। पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में पहली प्राथमिकता का वोट न देने वाले 5 कांग्रेसी विधायकों की विधानसभा सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं संवैधानिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में मतदान को विधानसभा की आंतरिक कार्यवाही नहीं माना जाता। ऐसे में दल-बदल कानून (एंटी-डिफेक्शन लॉ) इन मामलों में लागू नहीं होता।
दरअसल, हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर सिंह बौद्ध विजयी घोषित हुए। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल मामूली अंतर से हार गए।
मतगणना के बाद खुलासा हुआ कि कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि 4 विधायकों के वोट तकनीकी कारणों से रद्द हो गए। कांग्रेस के पास 37 विधायक होने के बावजूद उसके उम्मीदवार को केवल 28 वोट ही मिले।

व्हिप लागू नहीं होता, विधायक स्वतंत्र
एडवोकेट हेमंत कुमार के अनुसार राज्यसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा अपने विधायकों को वोट देने के लिए व्हिप जारी नहीं किया जा सकता। इसका मतलब यह है कि विधायक अपनी इच्छा से वोट डालने, मतदान से अनुपस्थित रहने या यहां तक कि जानबूझकर वोट रद्द कराने के लिए भी स्वतंत्र होते हैं।
पार्टी कार्रवाई संभव, पर सदस्यता नहीं जाएगी
उन्होंने बताया कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है—जैसे निलंबन या निष्कासन—लेकिन उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त नहीं की जा सकती।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2022 में कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ वोट दिया था, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें पदों से हटा दिया था, लेकिन उनकी विधायकी नहीं गई थी।

ओपन बैलट व्यवस्था पर उठे सवाल
हेमंत कुमार ने यह भी सवाल उठाया कि जब विधायक राज्यसभा चुनाव में स्वतंत्र हैं, तो फिर 2003 में लागू की गई ओपन बैलट प्रणाली का औचित्य क्या है। इस व्यवस्था के तहत पार्टियां अपने अधिकृत एजेंट नियुक्त करती हैं, जो यह देखते हैं कि विधायक ने किसे वोट दिया।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बावजूद संबंधित कांग्रेसी विधायकों की सदस्यता पर कोई कानूनी खतरा नहीं है। हालांकि, पार्टी स्तर पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव है, जिससे सियासी हलचल और बढ़ सकती है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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