10 हजार रुपये लेते हुए दबोचे गए आरोपी, भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश
चंडीगढ़/झज्जर। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और ग्राम नंबरदार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील कुमार (पटवारी) और कर्मबीर (नंबरदार) के रूप में हुई है। दोनों को झज्जर जिले के बादली स्थित पुरानी तहसील परिसर से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही काबू किया गया।
इस मामले में ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन विवाद के समाधान के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कुलदीप ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि उसकी माता संतरा के नाम पर गांव बुपनिया में करीब 1.25 बीघा जमीन दर्ज थी। आरोप है कि उसके भाई ने बिना जानकारी के इस जमीन की अवैध रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली।
जब कुलदीप इस रजिस्ट्री और इंतकाल को रुकवाने के लिए पटवारी सुनील कुमार के पास पहुंचा, तो उसने ग्राम नंबरदार कर्मबीर के माध्यम से काम करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
योजनाबद्ध तरीके से की गई रेड, मौके पर गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि के बाद राज्य सतर्कता ब्यूरो ने निरीक्षक देवेन्द्र के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रेड करते हुए दोनों आरोपियों को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार पर सख्ती जारी रहेगी: निदेशक
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा के निदेशक डॉ. ए.एस. चावला ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और आमजन से अपील की कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर दें।











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