April 5, 2026 1:47 pm

April 5, 2026 1:47 pm

विश्व वानिकी दिवस पर हरियाणा में बड़े स्तर पर आयोजन, नेचर ट्रेल और युवा सहभागिता से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

वन पर्यावरण के साथ अर्थव्यवस्था को भी करते हैं मजबूत- प्रधान मुख्य वन संरक्षक हरियाणा, विनीत कुमार गर्ग
मुख्यमंत्री का थापली नेचर कैंप को लेकर विजन तेजी से हो रहा है साकार -ओएसडी भारत भूषण भारती
कार्यक्रम में पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव किए साझा

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़/पंचकूला/मोरनी,21 मार्च 2026:  पर्यावरण की गोद में बसे नेचर कैंप थापली में विश्व वानिकी दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक हरियाणा विनित कुमार गर्ग मुख्यअतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर नेचर कैपं में अपने तीन दिवसीय भ्रमण पर आए पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ के विद्यार्थियों ने विशेष रूप से भाग लिया।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक हरियाणा विनित कुमार गर्ग ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि इस वर्ष विश्व वानिकी दिवस का थीम है ‘‘वन और अर्थव्यवस्था‘‘। उन्होने कहा कि वन न केवल पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर रखते हैं बल्कि इनका देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में अहम योगदान है। वन विभाग हरियाणा द्वारा प्रदेश में वन क्षेत्र बढाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
उन्होने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश भर में वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों को अधिक से अधिक पेड लगाने और उन्हें संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होने बताया कि हरियाणा वन विभाग एक पेड माॅ के नाम अभियान के साथ साथ केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों के तहत तय लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे मुख्य अतिथियों के आगमन के साथ हुई, जिसके बाद स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात वन विभाग के अधिकारियों ने अपने संबोधन में वनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पेड़ों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।


अपने संबोधन में मुख्य अतिथि  विनीत कुमार गर्ग ने कहा कि इस साल प्रदेश भर में विभिन्न विभागों और जनभागेदारी से डेढ करोड पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रावधान किया हुआ है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान कर उनके अभिरक्षकों को पेंशन प्रदान की गई है। इसके अलावा 1541 नए पेडों की पहचान की गई है। इसके साथ साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ओक्सी वन और हर्बल पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होने कहा कि पिछले चार पांच महीनों के दौरान हरियाणा के साथ साथ पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर से लगभग 800 विद्यार्थी नेचर कैंप थापली का भ्रमण कर चुके हैं। इसमें 10 विद्यार्थियों ने 153 किलोमीटर लंबे टैªक को पूरा करने का भी रिकार्ड बनाया है। इस अवसर पर उन्होने पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों को कालेसर नेशनल पार्क में भी भ्रमण के लिए आमंत्रित किया।

भारत भूषण भारती ने कहा कि श्रषियों ने कहा है कि मनुष्य का शरीर पांच तत्वों से बना है और वायु उसमें से एक है। उन्होने कहा कि वायु हमें मशीनों से नही प्रकृति से मिलती है और इसके लिए पेड लगाना आवश्यक है। उन्होने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षण संस्थानों के छात्रों और आम नागरिकों से एक पेड माॅ के नाम लगाने का आहवान किया। भारत भूषण भारती ने उपस्थित विद्यार्थियों से आहवान किया कि वे यंहा से वापिस जाकर अपने घरों और शिक्षा के मंदिरों में कम से कम एक पेड अवश्य लगाएं और उनका संरक्षण भी करें। इस अवसर पर उन्होने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
स अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी  भारत भूषण भारती ने कहा कि जिस प्रकार विद्यार्थियों ने थापली नेचर कैंप में अपने तीन दिनों के अनुभव सांझा किए हैं उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने थापली नेचर कैंप के लिए जो विजन रखा था वह तेजी से पूरा हो रहा है। उन्होने थापली नेचर कैंप को एक प्रयोगशाला बताते हुए कहा कि यंहा सहकार और संस्कार दोनो का समावेश होता है।


इस मौके पर Punjab University के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं को प्रकृति से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से 153 किलोमीटर लंबी “नेचर ट्रेल” यात्रा का आयोजन किया गया, जो कालका से कलेसर तक निकाली गई। इस विशेष ट्रिप का आयोजन Youth Welfare Haryana द्वारा किया गया।


इस नेचर ट्रेल के दौरान छात्रों को विभिन्न वन क्षेत्रों, जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मौके पर ही छात्रों को जंगलों की संरचना, पेड़ों की प्रजातियों और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में बताया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष विश्व वानिकी दिवस को “प्रकृति के साथ संतुलन” थीम के तहत मनाया जा रहा है, जिसमें लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है।

गुरुग्राम, हिसार, रोहतक और अंबाला (मोरनी) में भी समानांतर रूप से जागरूकता रैलियां, पौधारोपण अभियान, संगोष्ठियां और स्कूल-कॉलेज स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्रों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी से अपील की कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, पानी की बचत करें और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और संतुलित प्राकृतिक वातावरण मिल सके।

इससे पूर्व पंजाब विश्वविद्यालय से आए विद्यार्थियों ने नेचर कैंप थापली में बिताए तीन दिनों के अनुभव सांझा किए। विद्यार्थियांे ने बताया कि उन्होने यंहा प्रकृति को करीब से समझने का अवसर मिला है। साथ ही टैकिंग और अन्य रोमांचकारी गतिविधियों में चुनौती को पूरा कर एक उपलब्धी का अहसास हुआ। उन्होने कैंप के दौरान रूकने और खाने की व्यवस्था की भी प्रशंसा की।

इस मौके पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक टीपी सिंह, वन संरक्षक नार्थ सर्कल जितेंद्र अहलावत, हरियाणा वन मंडल अधिकारी मोरनी पिंजौर संदीप सैनी, युवा कल्याण संयोजक नरेंद्र सिंह सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 1 5 7
Total Users : 291157
Total views : 493354

शहर चुनें