April 5, 2026 6:44 am

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पंचकूला नगर निगम में 160 करोड़ की एफडी घोटाले का पर्दाफाश, विजिलेंस में मामला दर्ज, जांच शुरू

सम्बंधित अधिकारियों में मचा हड़कंप, नगर निगम व पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के सम्बंधित अधिकारी विजीलेंस की राडार पर

कोटक महिंद्रा बैंक में जमा राशि में गड़बड़ी, 58 करोड़ का नहीं मिल रहा हिसाब; कई विभागों के खाते भी जांच के दायरे में
पंचकूला, 25 मार्च 2026। ट्राइसिटी में बैंक घोटाले रुकने का नाम नही ले रहे है। 590 करोड़ के आईडीएफसी बैंक घोटाले व नगर निगम चंडीगढ़ की फर्जी एफडी के बाद पंचकूला नगर निगम में भी फर्जी एफडी का मामला सामने आया है। निगम की शिकायत पर कोटक महिंद्रा व नगर निगम के सम्बंधित अधिकारियों के खिलाफ देर रात हरियाणा विजिलेंस के मामले दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। मामले से जुड़े अधिकारी पल पल की खबर ले रहे है। बताया जा रहा है कि मोटे कमीशन के चक्कर मे यह खेल चल रहा था। जिसको लेकर हरियाणा में सरकारी धन के गबन से जुड़े मामलों की कड़ी में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पंचकूला नगर निगम की करीब 160 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। यह राशि सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में जमा थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच हरियाणा विजिलेंस को सौंप दी गई है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

58 करोड़ की एफडी का रिकॉर्ड गायब
नगर निगम के अकाउंट्स विंग और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) द्वारा वर्ष 2019 से अब तक के बैंक रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि करीब 58 करोड़ रुपये की एफडी का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा है।
यह रकम न तो नगर निगम के खातों में दिखाई दे रही है और न ही बैंक इस बारे में स्पष्ट जानकारी दे पा रहा है। वहीं शेष 102 करोड़ रुपये की एफडी को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

प्रोपर्टी व शेल कंपनियों में ट्रांसफर का शक
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बैंक और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से यह पैसा  प्रोपर्टी व फर्जी शेल कंपनियों और निजी खातों में ट्रांसफर किया गया।
कुछ संदिग्ध खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन के संकेत मिले हैं, जिससे यह मामला बड़े घोटाले का रूप लेता दिख रहा है।

सरकारी आदेश के बाद खुला मामला
आईडीएफसी बैंक घोटाले के बाद हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को निजी बैंकों से पैसा निकालकर सरकारी बैंकों में जमा कराने के निर्देश दिए थे।
इसी के तहत नगर निगम ने कोटक महिंद्रा बैंक से अपनी राशि एसबीआई में ट्रांसफर करने को कहा।
बताया गया कि 16 फरवरी 2026 को 58 करोड़ रुपये की एफडी मैच्योर हो गई थी, लेकिन कई बार पत्राचार के बावजूद बैंक ने राशि ट्रांसफर नहीं की। इसके बाद जब विभागीय जांच शुरू हुई तो घोटाले का खुलासा हुआ।

9 सरकारी विभागों की रकम भी दांव पर
जानकारी के अनुसार, हरियाणा सरकार के करीब 9 विभागों की बड़ी राशि भी इसी बैंक में जमा थी। इनमें प्रमुख रूप से—
हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन
लोक निर्माण विभाग (PWD)
हरियाणा टूरिज्म
हरियाणा मंडी बोर्ड
मत्स्य विभाग
हरियाणा मेडिकल काउंसिल
सीवरेज बोर्ड
पंचायती राज संस्थाएं
नगर निगम/नगर परिषद
अब इन सभी विभागों के खातों की जांच की जा रही है, जिससे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

प्रॉपर्टी जांच और CAG ऑडिट की मांग तेज
पंचकूला के स्थानीय नागरिकों देवराज और राकेश कुमार ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों की संपत्ति की जांच की मांग उठाई है।
साथ ही नगर निगम और पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के पिछले 5 वर्षों के खातों का कैग (CAG) से ऑडिट कराने की मांग भी की गई है।
आरोप है कि मोटे कमीशन के लालच में सरकारी बैंकों से पैसा निकालकर निजी बैंकों में जमा कराया गया।

पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन से जुड़े तार
सूत्रों के अनुसार यह खेल पिछले 5 वर्षों से भी अधिक समय से चल रहा था।
एक वरिष्ठ अधिकारी, जो पहले पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में कार्यरत थे और बाद में नगर निगम में भी अतिरिक्त चार्ज पर रहे, उनका नाम भी जांच के दायरे में बताया जा रहा है।

आईडीएफसी घोटाले से जुड़ते लिंक
590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी बैंक गबन मामले की आरोपी स्वाति सिंगला का नाम भी इस मामले में सामने आ रहा है।
बताया जा रहा है कि वह पहले कोटक महिंद्रा बैंक में कार्यरत थी और उसी दौरान संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए।
इसके अलावा बैंक के पूर्व कर्मचारी पुष्पिंदर और एक अन्य व्यक्ति के खातों में भी करोड़ों रुपये ट्रांसफर होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां इन सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई की तैयारी
माना जा रहा है कि हरियाणा विजिलेंस जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू करेगी।
सभी संबंधित बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जाएगी।

कमिश्नर का बयान
नगर निगम पंचकूला के कमिश्नर विनय कुमार ने कहा—
“यह मामला मेरे कार्यभार संभालने से पहले का है। फिलहाल जांच जारी है, पूरी होने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।”

सरकारी सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
यह मामला हरियाणा में सरकारी धन की सुरक्षा और बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
लगातार सामने आ रहे गबन मामलों से साफ है कि निगरानी तंत्र में बड़ी खामियां हैं, जिन्हें सुधारना अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
(अपडेट जारी… इस मामले में और खुलासों की संभावना)

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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