वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने एक ही बयान में कई देशों को लेकर सख्त और विवादित टिप्पणियां कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। क्यूबा की अर्थव्यवस्था, ग्रीनलैंड की रणनीतिक अहमियत, ईरान को चेतावनी और वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को लेकर ट्रंप के बयान अमेरिका की आक्रामक विदेश नीति को दर्शाते हैं।
क्यूबा पर हमला बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि क्यूबा “बर्बादी के लिए तैयार” है। उन्होंने दावा किया कि क्यूबा की आमदनी का बड़ा हिस्सा वेनेजुएला के तेल से आता था, लेकिन अब वहां से भी कोई मदद नहीं मिल रही है, जिससे क्यूबा की आर्थिक हालत बेहद खराब हो चुकी है।
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने इसे रणनीतिक क्षेत्र बताते हुए कहा कि ग्रीनलैंड के आसपास रूसी और चीनी जहाजों की बढ़ती मौजूदगी अमेरिका के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
ईरान पर कड़ा रुख अपनाते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका उसकी गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान फिर से लोगों को नुकसान पहुंचाने जैसी कार्रवाइयों में शामिल हुआ, तो अमेरिका की ओर से “बहुत जोरदार जवाब” दिया जाएगा।
वेनेजुएला की राजधानी में अमेरिकी हमले के दावे पर ट्रंप ने कहा कि यह एक बेहद खतरनाक ऑपरेशन था, जिसकी उन्हें पहले से जानकारी थी। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ अमेरिकी कर्मी घायल हुए और एक हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा, लेकिन सभी सुरक्षित वापस लौट आए और कोई हताहत नहीं हुआ।
वेनेजुएला की स्थिति पर ट्रंप ने कहा कि यह इस समय “एक मरा हुआ देश” बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि अगर वे चुनाव हार जाते, तो अमेरिका की हालत भी वेनेजुएला जैसी हो सकती थी। ट्रंप ने कहा कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को दोबारा खड़ा करने के लिए तेल कंपनियों के बड़े निवेश की जरूरत है और अमेरिकी कंपनियां इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा, “मुझसे यह मत पूछिए कि कौन इंचार्ज है… हम इंचार्ज हैं।”
इन बयानों से साफ है कि डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक मंच पर अमेरिका की सख्त और निर्णायक भूमिका को लगातार आगे बढ़ाने का संदेश दे रहे











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