June 15, 2026 2:15 pm

June 15, 2026 2:15 pm

HARYANA: 5 साल में 22 अधिकारी बर्खास्त, 40 को कड़ी सजा; भ्रष्टाचार मामलों में हरियाणा देश में सातवें स्थान पर

भ्रष्टाचार मामलों में हरियाणा देश में सातवें स्थान पर

चंडीगढ़। हरियाणा में बीते पांच वर्षों के दौरान भ्रष्टाचार के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जनवरी 2021 से अगस्त 2025 तक कुल 773 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें करीब 70 प्रतिशत सरकारी अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। बढ़ते मामलों के चलते भ्रष्टाचार के आंकड़ों में हरियाणा देश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में औसत सजा दर 32.53 प्रतिशत रही है, यानी हर 100 आरोपियों में से करीब 33 को सजा सुनाई गई। इसी अवधि में 22 अधिकारी-कर्मचारी बर्खास्त किए गए, जबकि 40 आरोपियों को कड़ी सजा दी गई।
पांच साल में 78.48% बढ़े भ्रष्टाचार के मामले
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) के संयुक्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में 78.48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 में जहां 79 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 226 तक पहुंच गई। यह दो वर्षों में 186 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

साल-दर-साल गिरफ्तारियां
2023: 226 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें 30 राजपत्रित, 156 गैर-राजपत्रित अधिकारी और 40 निजी व्यक्ति शामिल
2024: 117 गिरफ्तारियां, जिनमें 47 राजपत्रित, 57 गैर-राजपत्रित अधिकारी और 29 निजी व्यक्ति
2025 (अगस्त तक): 141 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें 112 सरकारी अधिकारी शामिल

सजा और बर्खास्तगी का ब्यौरा
2025: 6 अधिकारी-कर्मचारी बर्खास्त, 11 को कड़ी सजा (सजा दर 37%)
2024: 7 बर्खास्त, 10 को कड़ी सजा (सजा दर 33%)
2023: 8 बर्खास्त, 8 को कड़ी सजा (सजा दर 23.1%)
2022: 1 बर्खास्त, 8 को कड़ी सजा (सजा दर 36.4%)
2021: 3 को कड़ी सजा (सजा दर 33.3%)
विशेषज्ञों की राय
रोहतक स्थित महर्षि विश्वविद्यालय के कानून विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर कृष्णपाल सिंह महलवार का कहना है कि ये आंकड़े दो पहलुओं की ओर इशारा करते हैं—या तो भ्रष्टाचार बढ़ा है, या फिर शिकायत दर्ज कराने और कार्रवाई की प्रक्रिया पहले से ज्यादा मजबूत हुई है। प्रदेश में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और लोकायुक्त की सक्रियता भी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।

डीजीपी का सख्त संदेश
नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पद संभालते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। डीजीपी ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचारियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। उन्होंने संकेत दिए कि कानूनी सलाह और प्रक्रिया के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में भ्रष्टाचार के बढ़ते आंकड़े प्रशासन और राजनीति—दोनों के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं, वहीं सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति आने वाले समय में इन मामलों पर कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर सबकी नजर टिकी है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 4 4 0 5 8
Total Users : 344058
Total views : 569429

शहर चुनें