चंडीगढ़, 4 जनवरी 2026: पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए शहर में बेघर और जरूरतमंद लोगों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों (रैन बसेरों) का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सरकारी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल (जीएमएसएच) सेक्टर-32, जीएमएसएच सेक्टर-16, पीजीआईएमईआर (पीजीआई) सेक्टर-12 और इंटर-स्टेट बस टर्मिनस (आईएसबीटी) सेक्टर-17 में स्थित रैन बसेरों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने रैन बसेरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने बिस्तर, कंबल, पीने का पानी, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाओं और साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की। प्रशासक ने चंडीगढ़ प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को निर्देश दिए कि सर्दी के मौसम में ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंद और बेघर लोगों को पर्याप्त संख्या में कंबलों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

राज्यपाल ने रैन बसेरों में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से बातचीत की और वहां ठहरने वाले लोगों की सुरक्षा, सम्मान और आराम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों का कल्याण चंडीगढ़ प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति में ठंड के कारण कोई भी व्यक्ति असहाय न रहे।
उन्होंने नगर निगम, स्वास्थ्य संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नियमित निगरानी और रख-रखाव से ही रैन बसेरों की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है।

गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में अस्थायी और जलरोधी रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं। इन रैन बसेरों में कुशनयुक्त कालीन, रजाइयां, गद्दे, तकिए, कंबल, बिजली की व्यवस्था, पीने का पानी, शौचालय और अग्नि सुरक्षा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को सुरक्षित आश्रय मिल सके











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