ग्रामीण रोजगार में पारदर्शिता, अधिक मजदूरी और भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार
चंडीगढ़, 5 जनवरी 2026। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 यानी जी-राम-जी एक्ट ग्रामीण भारत को भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और सशक्त रोजगार व्यवस्था प्रदान करेगा। यह कानून पुराने मनरेगा ढांचे की खामियों को दूर करते हुए ग्रामीण श्रमिकों को अधिक कार्यदिवस, बेहतर मजदूरी और समय पर भुगतान की गारंटी देता है।
मुख्यमंत्री सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, रणबीर गंगवा, कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय भी मौजूद रहे।
पुरानी मनरेगा की खामियों पर विराम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना लगभग 20 वर्ष पुरानी है, जिसमें समय के साथ कई गंभीर समस्याएं सामने आईं—
मशीनों से काम
फर्जी जॉब कार्ड
अधूरी या दोहराई गई परियोजनाएं
बजट का दुरुपयोग
लेकिन बीते दशक में डिजिटल इंडिया, डीबीटी, आधार, बैंकिंग विस्तार और बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार हुए हैं। ऐसे में पुराने और दोषपूर्ण ढांचे को जारी रखना न तो श्रमिकों के हित में था और न ही देश के।
उन्होंने बताया कि 2011-12 में जहां ग्रामीण गरीबी 25% से अधिक थी, वहीं आज यह घटकर 5% से भी नीचे आ गई है, जो केंद्र सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाता है।
अब 100 नहीं, 125 दिन की रोजगार गारंटी
नए कानून के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे—
देशभर में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की वृद्धि होगी
हरियाणा में मजदूरी दर अधिक होने से श्रमिकों को कम से कम 10 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे
रिकॉर्ड बजट आवंटन: 1.51 लाख करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष योजना के लिए 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है।
पिछले वर्ष यह राशि 88 हजार करोड़ रुपये थी। इसमें से 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक केंद्र सरकार का हिस्सा है, जिसे भविष्य में और बढ़ाया जाएगा।
हरियाणा में सामाजिक समावेशन की मजबूत तस्वीर
52% से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को रोजगार
65% से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रोजगार कागज़ों में नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से काम के माध्यम से मिला है।
अब ग्रामीण विकास के बड़े कार्यों में मिलेगा रोजगार
नई योजना के तहत अब रोजगार मिलेगा—
जल संरक्षण व जल सुरक्षा
ग्रामीण अवसंरचना
आजीविका संसाधन
जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में
ग्राम पंचायतों की योजनाओं को पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया है, जिससे गांवों का विकास राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप हो सके।
कृषि के चरम मौसम में 60 दिनों का विराम रखा गया है, ताकि मजदूरों को खेतों में बाजार दर पर बेहतर मजदूरी मिल सके।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए हाईटेक तकनीकी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि जी-राम-जी एक्ट में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई सख्त और आधुनिक उपाय किए गए हैं—
बायोमेट्रिक उपस्थिति से फर्जी मजदूरों पर रोक
डीबीटी के माध्यम से सीधा भुगतान, बिचौलियों का अंत
जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी, हर संपत्ति ISRO के भुवन पोर्टल पर अपलोड
साप्ताहिक सार्वजनिक खुलासा
7 दिन में शिकायत निवारण, ब्लॉक और जिला स्तर पर बहुस्तरीय व्यवस्था
विकास का मजबूत आधार बनेगी जी-राम-जी योजना
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह योजना अब भ्रष्टाचार का अड्डा नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के विकास की मजबूत रीढ़ बनेगी और विकसित भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाएगी।












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