चंडीगढ़, 3 अप्रैल — हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करते हुए रक्त संक्रमण प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हरियाणा स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (HSBTC) की 21वीं कार्यकारी बैठक में राज्यभर में ब्लड सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए अहम फैसले लिए गए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वर्ष 2026–27 के लिए 11.60 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। यह योजना राष्ट्रीय ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (NBTC) के तहत लागू की जाएगी।
योजना के तहत ब्लड बैग और जांच किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सभी ब्लड सेंटरों में निर्बाध सेवाएं मिल सकें। साथ ही मोबाइल ब्लड कलेक्शन और ट्रांसपोर्ट वैन की व्यवस्था कर दूरदराज क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा 19 सरकारी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (BCSU) के विस्तार, कर्मचारियों के वेतन, प्रशिक्षण, IEC गतिविधियों और निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राज्य घटक के तहत 54.14 करोड़ रुपये के अनुदान प्रस्ताव को सरकार के पास भेजने की स्वीकृति भी दी गई है। इसमें हीमोफीलिया और अन्य गंभीर रक्त रोगों के उपचार के लिए जरूरी दवाओं और सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिससे मरीजों को लगातार जीवनरक्षक इलाज मिल सके।
रक्त संग्रह में लगातार बढ़ोतरी
बैठक में e-RaktKosh डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रक्त संग्रह में हो रही बढ़ोतरी पर भी चर्चा हुई। वर्ष 2023–24 में 5,50,480 यूनिट से बढ़कर 2024–25 में 5,82,738 यूनिट और 2025–26 में 5,92,136 यूनिट रक्त संग्रह दर्ज किया गया। यह वृद्धि जागरूकता अभियानों और स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के विस्तार का परिणाम मानी जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर लगातार दो बार अव्वल
हरियाणा ने वर्ष 2023–24 और 2024–25 में “रक्तदान में उत्कृष्टता पुरस्कार” में देशभर में पहला स्थान हासिल कर अपनी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था का परिचय दिया है। वहीं, फरवरी 2025 में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी जिला नागरिक अस्पताल के ब्लड सेंटर को राज्य का सर्वश्रेष्ठ केंद्र घोषित किया गया।
राज्य में 154 ब्लड सेंटर सक्रिय
प्रदेश में वर्तमान में 154 ब्लड सेंटर कार्यरत हैं, जिनमें 34 सरकारी और 120 निजी हैं। इनमें से 138 केंद्रों में BCSU सुविधा और 65 में प्लेटलेट एफेरेसिस की सुविधा उपलब्ध है। सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को मुफ्त रक्त और कंपोनेंट उपलब्ध कराए जाते हैं, जबकि बीपीएल, कैंसर और डेंगू मरीजों को मुफ्त प्लेटलेट्स भी दिए जा रहे हैं।
हीमोफीलिया और थैलेसीमिया मरीजों को बड़ी राहत
हरियाणा में हीमोफीलिया मरीजों की संख्या 2018 में 560 से बढ़कर 2025 में 1,019 हो गई है। सभी पंजीकृत मरीजों को मुफ्त इलाज, दवाएं, एम्बुलेंस और परिवहन सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही 232 हीमोफीलिया और 605 थैलेसीमिया मरीजों को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
राज्य में 2,443 थैलेसीमिया मरीज पंजीकृत हैं, जिन्हें स्क्रीनिंग, जेनेटिक काउंसलिंग, प्रसव पूर्व जांच, मुफ्त रक्त चढ़ाने और आयरन चेलेशन दवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नई पहल और प्रोत्साहन योजनाएं
बैठक में पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल के ब्लड सेंटर को AIIMS झज्जर मॉडल पर पूरी तरह पेपरलेस और स्वचालित बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही हर जिले में कम से कम एक ब्लड सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए दाताओं को दी जाने वाली रिफ्रेशमेंट राशि को 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। CSR के तहत इंटास फार्मा और कोटक बैंक द्वारा ब्लड डोनेशन वैन भी उपलब्ध कराई गई हैं।
92% बजट उपयोग, लोगों से अपील
वित्तीय वर्ष 2025–26 में 435.74 लाख रुपये के बजट में से 400.93 लाख रुपये खर्च किए गए, जो लगभग 92 प्रतिशत उपयोग को दर्शाता है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने नागरिकों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कॉर्पोरेट सेक्टर से भी CSR के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं के विकास में सहयोग देने का आह्वान किया।













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