चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सेक्टर-45 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) द्वारा चलाए जा रहे मकानों की तोड़फोड़ अभियान ने अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में शहर के मेयर सौरभ जोशी पार्षदों के साथ मौके पर धरने पर बैठ गए हैं और साफ ऐलान किया है कि जब तक तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं रोकी जाती, वे यहां से नहीं उठेंगे।
हाउस मीटिंग बीच में छोड़कर मौके पर पहुंचे मेयर
जानकारी के अनुसार, नगर निगम की हाउस मीटिंग चल रही थी। इसी दौरान सेक्टर-45 में CHB की टीम द्वारा मकानों पर बुलडोजर चलाने और लोगों के विरोध की खबर सामने आई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेयर सौरभ जोशी ने बैठक को बीच में ही छोड़ दिया और कई पार्षदों को साथ लेकर सीधे सेक्टर-45 पहुंच गए।
मौके पर पहुंचकर उन्होंने धरना शुरू कर दिया और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा—
“जब तक गरीब लोगों के घरों पर चल रही तोड़फोड़ बंद नहीं होगी, हम यहां से नहीं हटेंगे।”
सेक्टर-45 में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
सेक्टर-45 में पिछले कुछ दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। CHB की टीम अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिसके तहत कई मकानों के अतिरिक्त हिस्सों को तोड़ा गया।
सुबह से ही तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू हुई
जैसे ही बुलडोजर पहुंचे, स्थानीय लोग विरोध में उतर आए
महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी सड़कों पर आ गए
कई लोगों ने पुलिस की गाड़ियों के आगे बैठकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की
हालात बिगड़ने पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया
स्थिति को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
लोगों का आरोप—बिना समय दिए उजाड़े जा रहे घर
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि CHB की कार्रवाई पूरी तरह से “अमानवीय” है।
लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इन मकानों में रह रहे हैं
कई परिवारों ने अपने घरों में जरूरत के अनुसार छोटे-मोटे निर्माण किए थे
प्रशासन ने पर्याप्त समय दिए बिना ही तोड़फोड़ शुरू कर दी
कई परिवारों का सामान तक बाहर नहीं निकालने दिया गया
एक महिला ने कहा—
“हमारे पास रहने के लिए और कोई जगह नहीं है, सरकार हमें सड़क पर ला रही है।”
CHB का पक्ष—नोटिस के बाद ही कार्रवाई
वहीं चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों और अदालत के आदेशों के तहत की जा रही है।
करीब 1300 मकानों को अवैध निर्माण के नोटिस जारी किए गए थे
कई बार चेतावनी देने के बाद कार्रवाई शुरू की गई
अवैध हिस्सों को हटाना अनिवार्य बताया गया
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा
CHB अधिकारियों के अनुसार, शहर में अवैध निर्माण पर सख्ती जरूरी है ताकि प्लानिंग और सुरक्षा मानकों का पालन हो सके।
राजनीति गरमाई, विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने
इस पूरे घटनाक्रम ने अब सियासी रंग ले लिया है।
मेयर खुद धरने पर बैठ गए हैं, जिससे मामला और गरमा गया
विभिन्न दलों के पार्षद मौके पर पहुंचकर लोगों के समर्थन में खड़े हो गए
विपक्षी दलों ने इसे “गरीब विरोधी कार्रवाई” करार दिया
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव साफ नजर आ रहा है
मेयर सौरभ जोशी ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि
“जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना इस तरह की कार्रवाई करना गलत है।”
ऑल-पार्टी समर्थन की कोशिश
प्रभावित लोगों ने इस मुद्दे को लेकर एकजुटता दिखानी शुरू कर दी है।
सेक्टर-45 और आसपास के इलाकों के लोगों ने मिलकर विरोध तेज किया
कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने समर्थन का ऐलान किया
“मानवीय समाधान” की मांग उठाई जा रही है
पुनर्वास या राहत पैकेज देने की भी मांग की जा रही है
आगे क्या होगा?
मामला अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा टकराव बन चुका है।
कोर्ट में इस मामले की सुनवाई भी अहम मानी जा रही है
मेयर का धरना प्रशासन पर दबाव बढ़ा सकता है
अगर समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज हो सकता है
सेक्टर-45 की यह कार्रवाई अब सिर्फ अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह आम लोगों के आशियाने, प्रशासनिक सख्ती और राजनीतिक संघर्ष का बड़ा मुद्दा बन गई है।
मेयर के धरने ने इस विवाद को नई दिशा दे दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन सख्ती जारी रखता है या फिर जनदबाव के चलते कोई नरमी दिखाई जाती है।











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