April 23, 2026 10:48 am

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HARYANA: शहरी गरीबों के घर का सपना साकार, हरियाणा में 2,646 मकानों को मंजूरी

पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 60 शहरों में आवास परियोजनाओं को हरी झंडी, केंद्र-राज्य मिलकर देंगे आर्थिक सहायता

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 14 अप्रैल:
हरियाणा में शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U 2.0) के तहत राज्य सरकार ने 2,646 मकानों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इससे हजारों परिवारों का अपना घर होने का सपना जल्द पूरा होगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य के 60 शहरी स्थानीय निकायों में लाभार्थियों के लिए आवास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में 51 शहरी निकायों के 2,409 लाभार्थियों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जबकि 9 अन्य निकायों से प्राप्त 237 अतिरिक्त आवेदनों को भी स्वीकृति मिल गई। इस तरह कुल 2,646 परिवारों को इस चरण में लाभ मिलेगा।

हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने बताया कि केंद्र सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर अब तक 1,69,483 लोगों ने घर के लिए आवेदन किया है। इनमें 97,584 आवेदन बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) और 71,899 आवेदन अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) श्रेणी के तहत हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि बीएलसी श्रेणी के 46,902 आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है, जिनमें से 17,465 को मंजूरी मिली है, जबकि 29,437 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 12,552 मकानों की जियो-टैगिंग पूरी हो चुकी है, जो केंद्रीय सहायता जारी करने की अहम प्रक्रिया है।
केंद्र सरकार पहले ही 17,430 आवास परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है। साथ ही 2,174 मकानों के लिए 1,304.40 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पक्का मकान बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 1.50 लाख रुपये केंद्र सरकार और 1.00 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं। मकानों का कार्पेट एरिया 30 से 45 वर्ग मीटर के बीच निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा बैठक में वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए क्षमता निर्माण योजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत 87 शहरी निकायों और 3 विकास प्राधिकरणों में 32 सिटी लेवल टेक्निकल सेल क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे, जिससे योजना के क्रियान्वयन को और मजबूत किया जा सके।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 704.45 लाख रुपये और 2026-27 के लिए 772.85 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार 60:40 अनुपात में साझा करेंगी।

गौरतलब है कि पीएमएवाई-यू 2.0 योजना 1 सितंबर 2024 से लागू है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के लोगों को सस्ते और पक्के मकान उपलब्ध कराना है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

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