बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
भुवनेश्वर/नई दिल्ली, 7 जून: ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस विभाग की बड़ी कार्रवाई में एक सरकारी इंजीनियर के ठिकानों से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने से हड़कंप मच गया है। विभाग ने इंजीनियर और उसके परिवार से जुड़े विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में मिले नोटों की गिनती के लिए अधिकारियों को मशीनों का सहारा लेना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, आरोपी इंजीनियर की पहचान बैकुंठ नाथ बेहेरा के रूप में हुई है, जो कंधमाल जिले के बालीगुड़ा स्थित इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट एजेंसी (आईटीडीए) में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि उनका मासिक वेतन करीब 80 हजार रुपये है, जबकि जांच में सामने आई संपत्तियां और नकदी उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक बताई जा रही हैं।
विजिलेंस विभाग ने शनिवार को इंजीनियर से जुड़े 9 विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बैंक लॉकरों, आवासीय परिसरों और अन्य संपत्तियों की जांच की गई, जहां से भारी मात्रा में नकदी और कई संदिग्ध बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।
छापेमारी भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार, शैलश्री विहार, कानन विहार और चंद्रशेखरपुर स्थित आवासों पर की गई। इसके अलावा जाजपुर जिले में स्थित पैतृक घर, बारीपदा में रिश्तेदारों के निवास, बालीगुड़ा स्थित कार्यालय और सरकारी आवास को भी जांच के दायरे में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इंजीनियर और उनके परिवार के पास कई आलीशान बहुमंजिला इमारतें हैं। इनमें नीलाद्रि विहार में लगभग 10,500 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला चार मंजिला भवन, शैलश्री विहार में तीन मंजिला मकान, कानन विहार और चंद्रशेखरपुर में दो-दो मंजिला भवन तथा धर्मशाला क्षेत्र में पैतृक भूमि पर निर्मित एक बड़ा आवासीय परिसर शामिल है।
विजिलेंस विभाग अब बरामद नकदी, अचल संपत्तियों और बैंक खातों की विस्तृत जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन और आय के स्रोतों की पड़ताल के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।













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