राष्ट्रमंडल संसदीय संघ इंडिया रीजन के जोन-2 सम्मेलन का शुभारंभ, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया उद्घाटन
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 8 जून। हरियाणा विधानसभा के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) इंडिया रीजन के जोन-2 के तीन दिवसीय सम्मेलन का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन ओम बिरला ने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की मौजूदगी में किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा की बढ़ती मांग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सामाजिक असमानताओं जैसी चुनौतियों का सामना केवल प्रशासनिक निर्णयों से नहीं किया जा सकता। इसके लिए जन-जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और प्रभावी विधायी नेतृत्व की आवश्यकता है।
सम्मेलन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा, संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा सहित देश के 15 विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, उप-पीठासीन अधिकारी और विधायक भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में हरियाणा के इतिहास पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
लोकतंत्र की जीवंत विरासत है हरियाणा विधानसभा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सम्मेलन में आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा विधानसभा केवल एक भवन नहीं बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं और जन आकांक्षाओं की जीवंत विरासत है। उन्होंने कहा कि पिछले छह दशकों में इस सदन ने अनेक ऐतिहासिक निर्णयों, महत्वपूर्ण बहसों और जनहित के मुद्दों को आकार लेते देखा है।
उन्होंने कहा कि 1966 में हरियाणा के गठन के समय संसाधनों की कमी और चुनौतियों की बात कही गई थी, लेकिन राज्य ने कृषि, खेल, सेना, उद्योग और सामाजिक विकास के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है।
विकसित भारत-2047 केवल लक्ष्य नहीं, राष्ट्रीय संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन का विषय “भविष्य की चुनौतियों से निपटने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में जागरूक समाज और विधायकों की भूमिका” अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वह केवल एक घोषणा नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज का हर वर्ग, जनप्रतिनिधि और नागरिक इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए। विकास की नीतियां ऐसी होनी चाहिए जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
हरियाणा ने विकसित भारत@2047 के विजन को जमीन पर उतारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को केवल नारे के रूप में नहीं बल्कि कार्ययोजना के रूप में अपनाया है। इसी सोच के तहत वर्ष 2025 में प्रदेश में ‘डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर’ की स्थापना की गई, जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047’ तैयार किया है, जिसका अनावरण 24 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया था। इस दस्तावेज में वर्ष 2047 तक हरियाणा को 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था और 40 लाख रुपये से अधिक प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एआई और नवाचार को सुशासन का सहयोगी बना रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की तकनीकों को प्रशासन और सुशासन से जोड़ने के लिए सरकार ने अर्जुन स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV), विदेशी सहयोग विभाग और हरियाणा इनोवेशन फोरम का गठन किया है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है ताकि हरियाणा भविष्य की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सके।
विकसित हरियाणा की आधारशिला रखेंगे विधायक
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा की यात्रा में विधायकों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी विधायकों के लिए एक विशेष चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्र की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा करेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक बैठक नहीं बल्कि भविष्य के हरियाणा का रोडमैप तैयार करने का मंथन होगा।
एआई, साइबर क्राइम और डेटा सुरक्षा अब विधायी विमर्श का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सुरक्षा, साइबर अपराध, जल संरक्षण, जैव विविधता और सोशल मीडिया का प्रभाव जैसे विषय अब केवल विशेषज्ञों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विधायी विमर्श का अहम हिस्सा बन चुके हैं। जो जनप्रतिनिधि आज इन विषयों को समझेगा, वही भविष्य के समाज को दिशा दे सकेगा।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानवाधिकार” जैसे समसामयिक विषयों पर भी विशेष प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे जनप्रतिनिधियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को समझने में मदद मिलेगी।
लोकतंत्र की सफलता नागरिकों के जीवन में बदलाव से तय होती है
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता इस बात से मापी जाती है कि वह आम नागरिक के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला रहा है। जब समाज जागरूक होता है तो नीतियां प्रभावी बनती हैं और जब विधायक दूरदर्शी होते हैं तो विकास टिकाऊ बनता है। दोनों मिलकर राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने राज्यों में लौटते समय यह संकल्प लेकर जाएं कि भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध, सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण, तकनीकी रूप से अग्रणी और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण राष्ट्र बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।













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