नर्सिंग स्टाफ विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
रमेश गोयत
पंचकूला, 10 जून। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री को संबोधित अपने त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ आयोग की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया तथा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।
त्यागपत्र में रेणु भाटिया ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए लिखा है कि यदि भविष्य में उन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो वह उसका निर्वहन भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपना इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब उनके एक विवादित बयान को लेकर प्रदेशभर में नर्सिंग कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। नर्सिंग स्टाफ संगठन लगातार उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है और उनसे माफी मांगने तथा पद छोड़ने की मांग कर रहा था।

नर्सिंग स्टाफ के विरोध के बीच रेणु भाटिया ने माफी से किया इनकार
पंचकूला में मीडिया से बातचीत के दौरान रेणु भाटिया ने स्पष्ट कहा कि वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगेंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों की अस्मत और सुरक्षा के लिए यदि किसी पद की कुर्बानी भी देनी पड़े तो यह बड़ी बात नहीं है।
उन्होंने आंदोलनरत नर्सिंग कर्मचारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपनी ड्यूटी में हुई कथित लापरवाही पर भी जवाब देना चाहिए, क्योंकि इसी लापरवाही के कारण एक बेटी के साथ दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना हुई।
रेणु भाटिया ने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाना है और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि संबंधित अस्पताल के पीएमओ और ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बयान किसी वर्ग को आहत करने के लिए नहीं था, बल्कि बेटियों की सुरक्षा के प्रति जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से दिया गया था। इसके बावजूद उनके बयान को लेकर नर्सिंग कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन प्रदेशभर में जारी है।












Total Users : 338828
Total views : 561981