August 28, 2026 9:33 am

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हरियाणा सरकार ने HCS परीक्षा के पाठ्यक्रम में किया बड़ा बदलाव

मुख्य परीक्षा में अब सामान्य अध्ययन के होंगे 4 पेपर, वैकल्पिक विषय प्रणाली समाप्त

चंडीगढ़, 8 जनवरी: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और समकालीन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की परीक्षा के पाठ्यक्रम में व्यापक संशोधन किया है।
इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा अधिसूचना जारी की गई है।

प्रारंभिक परीक्षा का नया स्वरूप
प्रारंभिक परीक्षा अब कुल 400 अंकों की होगी, जिसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र शामिल रहेंगे—
प्रश्नपत्र-I (सामान्य अध्ययन):
सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय एवं विश्व भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, तार्किक क्षमता के साथ-साथ हरियाणा की अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और भाषा से जुड़े विषय शामिल होंगे।

प्रश्नपत्र-II (सिविल सेवा अभिरुचि परीक्षा):
इसमें अभ्यर्थियों की समझ, तार्किक विवेचना, निर्णय क्षमता, समस्या समाधान, सामान्य मानसिक क्षमता, कक्षा 10 स्तर की संख्यात्मक योग्यता और आंकड़ों की व्याख्या का परीक्षण किया जाएगा।

मुख्य परीक्षा में बड़ा बदलाव
मुख्य लिखित परीक्षा में अब कुल 6 वर्णनात्मक प्रश्नपत्र होंगे।
प्रत्येक प्रश्नपत्र 3 घंटे का और 100 अंक का होगा
कुल अंक: 600
सरकार ने वैकल्पिक विषय प्रणाली को समाप्त करते हुए सामान्य अध्ययन के चार अनिवार्य प्रश्नपत्र शामिल किए हैं।

मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों का विवरण
प्रश्नपत्र-I (अंग्रेजी एवं निबंध):
गद्यांश की समझ, प्रेसी लेखन, शब्दावली, व्याकरण, रचना और किसी एक विषय पर सुव्यवस्थित व संक्षिप्त निबंध।
प्रश्नपत्र-II (हिंदी एवं हिंदी निबंध – देवनागरी लिपि):
अनुवाद, पत्र व प्रेसी लेखन, गद्य-पद्य व्याख्या, मुहावरे, शुद्धि और विषय आधारित निबंध।
सामान्य अध्ययन के चार पेपर

सामान्य अध्ययन-I:
भारतीय कला, साहित्य एवं स्थापत्य, 18वीं सदी से आधुनिक भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता पश्चात राष्ट्र निर्माण, विश्व इतिहास, भारतीय समाज की विविधता, सामाजिक मुद्दे, भौतिक व मानव भूगोल तथा हरियाणा से संबंधित विषय।

सामान्य अध्ययन-II:
भारतीय संविधान, संघीय ढांचा, संसद व विधानमंडल, कार्यपालिका व न्यायपालिका, संवैधानिक संस्थाएं, शासन व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाएं, ई-गवर्नेंस, नागरिक सेवाओं की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय संबंध और हरियाणा के समकालीन मुद्दे।

सामान्य अध्ययन-III:
भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि, औद्योगिक नीति, अवसंरचना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा और हरियाणा से जुड़े विषय।
सामान्य अध्ययन-IV (नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि):
केस स्टडी के माध्यम से लोक जीवन में नैतिक मूल्यों, ईमानदारी, उत्तरदायित्व, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सार्वजनिक सेवा में आचरण, पारदर्शिता, सूचना का अधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़ी चुनौतियों का मूल्यांकन।

भर्ती प्रक्रिया को मिलेगा नया आयाम
सरकार का मानना है कि इस संशोधित पाठ्यक्रम से अभ्यर्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता, प्रशासनिक समझ और नैतिक दृष्टिकोण का बेहतर आकलन हो सकेगा, जिससे प्रदेश को अधिक सक्षम और संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी मिलेंगे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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