बाल विवाह के पूर्ण उन्मूलन के लिए 2,076 बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की नियुक्ति
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में बाल विवाह मुक्त राज्य बनने की दिशा में ठोस कदम सीएमपीओ या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने की अपील
चंडीगढ़, 8 जनवरी – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के पूर्ण उन्मूलन के लिए लगातार सशक्त, प्रभावी और परिणामोन्मुखी कदम उठा रही है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब सरकार की समय पर की गई कार्रवाई और हस्तक्षेप के चलते बाल विवाह के 64 मामलों को सफलतापूर्वक रोका गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार की बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने आम जनता से इस सामाजिक अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह की किसी भी आशंका या घटना की सूचना नजदीकी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत दी जा सकती है, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित किया जा सके।
डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी दी कि पंजाब में नियुक्त सभी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों का विवरण भारत सरकार के राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन पोर्टल पर अपलोड किया गया है, जिससे पारदर्शिता बनी है और आम नागरिकों को अधिकारियों तक आसान पहुंच मिल रही है।
उन्होंने बताया कि बच्चों के समग्र विकास और बाल विवाह की रोकथाम को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यभर में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कुल 2,076 बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके तहत सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधीन सभी जिलों के बाल विकास परियोजना अधिकारी और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपल को भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नामित किया गया है।
मंत्री ने कहा कि यह व्यापक व्यवस्था जमीनी स्तर पर सतर्कता और त्वरित हस्तक्षेप को मजबूत करती है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य को बाल विवाह से पूर्णतः मुक्त बनाने के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है।