2025-26 में रिकॉर्ड सुधार, 2026-27 के लिए नए लक्ष्य तय
फॉरेंसिक-आधारित जांच से पुलिस को मिलेगी गति और विश्वसनीयता — डीजीपी अजय सिंघल
चंडीगढ़, 8 जनवरी। वर्ष 2025-26 हरियाणा की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। बीते वर्ष किए गए व्यापक सुधारों का सीधा असर अपराध जांच की गति, गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर पड़ा है। एनडीपीएस मामलों में अब फॉरेंसिक रिपोर्ट एक माह के भीतर उपलब्ध हो रही है, जबकि वाणिज्यिक गुणवत्ता (Commercial Quantity) वाले मामलों में यह अवधि घटकर मात्र 15 दिन रह गई है। कुल मामलों के निस्तारण में 28.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सबसे अहम बात यह है कि मामलों की संख्या बढ़ने के बावजूद लंबित प्रकरणों में लगभग 12 प्रतिशत की कमी आई है, जो हरियाणा की फॉरेंसिक व्यवस्था की बढ़ती क्षमता और दक्षता को दर्शाता है।
डीजीपी अजय सिंघल का विज़न
“फॉरेंसिक साइंस भविष्य की जांच व्यवस्था की नींव”** डीजीपी हरियाणा श्री अजय सिंघल ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस अब केवल जांच का एक सहायक माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य की संपूर्ण जांच प्रणाली की नींव है। आने वाले समय में प्रत्येक अपराध की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित होगी और पुलिस की कार्यप्रणाली पूरी तरह फॉरेंसिक सपोर्ट पर निर्भर करेगी।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल रिपोर्टिंग को तेज करना नहीं, बल्कि उसे इतना सशक्त और विश्वसनीय बनाना है कि अदालतों में अभियोजन को ठोस समर्थन मिले और निर्दोष व्यक्ति को समय पर न्याय सुनिश्चित हो सके। हरियाणा फॉरेंसिक रिपोर्टिंग, वैज्ञानिक जांच और तकनीकी उपयोग के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता में बड़ा विस्तार
प्रदेश में फॉरेंसिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा मानव संसाधन विस्तार किया गया है। कुल 243 नए पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 97 पदों पर नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, जबकि 323 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से जारी है।
अधिक वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती से जांच की गति बढ़ी है, रिपोर्ट अधिक सटीक हो रही हैं और फॉरेंसिक प्रणाली की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार आया है।
उन्नत डीएनए डिवीजन और नई प्रयोगशालाएं
एफएसएल मधुबन के डीएनए डिवीजन को उन्नत किया गया है, वहीं आरएफएसएल गुरुग्राम में नया डीएनए डिवीजन स्थापित किया गया है। इससे डीएनए परीक्षण क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है।
हिसार में बैलिस्टिक्स और दस्तावेज़ परीक्षण की नई प्रयोगशालाएं शुरू होने से क्षेत्रीय स्तर पर ही त्वरित वैज्ञानिक सहायता मिलने लगी है। भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार अपराध स्थल पर 100 प्रतिशत फॉरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है, जिससे प्रारंभिक जांच और अधिक मजबूत व प्रमाणिक बन पाई है।
मोबाइल व जिला फॉरेंसिक यूनिट्स से जांच को नई गति
अपराध स्थल पर तुरंत वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 17 नई मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स स्वीकृत की गई हैं और 10 नई जिला फॉरेंसिक लैब शुरू की गई हैं।
राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय से प्राप्त चार अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को भी उपयोग में लाया गया है। इन वैन के कस्टमाइजेशन हेतु 6.71 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ये जटिल अपराध स्थलों पर उच्चस्तरीय वैज्ञानिक जांच में सक्षम हो सकें। इसके साथ ही हरियाणा देश के सबसे मजबूत फॉरेंसिक फील्ड-रेस्पॉन्स नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
डिजिटल सिस्टम और आधुनिक उपकरणों से पारदर्शिता
वर्ष 2025-26 में 15.83 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक फॉरेंसिक उपकरण स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 3 करोड़ रुपये के उपकरणों के ऑर्डर जारी किए गए हैं और 57.95 करोड़ रुपये से अधिक के उपकरणों की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है।
‘ट्रैकिया पोर्टल’ के माध्यम से फॉरेंसिक प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया है, जिससे केस ट्रैकिंग, रिपोर्ट तैयार करने और समीक्षा की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है।
आगे की दिशा — 2026-27 में 30 दिनों में सभी रिपोर्ट देने का लक्ष्य
डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि वर्ष 2026-27 में हरियाणा पुलिस का लक्ष्य है कि प्रत्येक प्रकार की फॉरेंसिक रिपोर्ट अधिकतम 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए 64 नए पदों का प्रस्ताव रखा गया है।
एफएसएल, आरएफएसएल और जिला फॉरेंसिक इकाइयों के लिए 86.38 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। हिसार और पंचकूला में नए डीएनए डिवीजन स्थापित किए जाएंगे, जबकि भोंडसी और हिसार स्थित आरएफएसएल भवनों के विस्तार पर 32.58 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि का तेजी से उपयोग किया जाएगा।
हरियाणा की फॉरेंसिक प्रणाली अब तेज, वैज्ञानिक और न्याय-सहायक बनकर अपराध जांच में नए मानक स्थापित कर रही है।














Total Users : 400347
Total views : 645959