October 12, 2026 12:35 pm

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HARYANA NEWS:   हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 और ऑटो इंतकाल प्रणाली की शुरुआत

CM नायब सिंह सैनी बोले- जनता को तहसीलों के चक्कर से मिलेगी राहत
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 23 जून। हरियाणा में राजस्व सेवाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ा कदम उठाते हुए पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 और ऑटोमेटिक इंतकाल (म्यूटेशन) प्रणाली के दूसरे चरण की शुरुआत की। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाना है और इसी दिशा में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र की लाडवा तहसील से की गई थी, जिसे 1 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में लागू किया गया। अब इसमें नए सुधारों के साथ दूसरे चरण की शुरुआत की गई है, जिसमें रजिस्ट्री के साथ ही ऑटो इंतकाल की सुविधा भी जोड़ दी गई है।
उन्होंने कहा कि अब नागरिकों को इंतकाल दर्ज करवाने के लिए अलग से आवेदन करने या वर्षों तक तहसीलों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। रजिस्ट्री होते ही इंतकाल की प्रक्रिया स्वत: शुरू हो जाएगी और रजिस्ट्री के साथ ही इंतकाल नंबर भी जारी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 में प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल और यूजर फ्रेंडली बनाया गया है। अब डीड (रजिस्ट्री दस्तावेज) नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता या हेल्प डेस्क के माध्यम से भर सकेंगे। पहले इसके लिए पूरी तरह डीड राइटर या अन्य माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में दोनों पक्षों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार e-KYC अनिवार्य किया गया है। पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सिस्टम में भूमि से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। यदि किसी भूमि पर धारा 12A लागू होगी तो उसकी जानकारी सिस्टम पर स्वत: दिखाई देगी। किसी गलती की स्थिति में उसे सुधारने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा और संबंधित अधिकारी डिजिटल साइन के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करेंगे।
उन्होंने बताया कि तत्काल रजिस्ट्री की सुविधा भी इस प्रणाली में उपलब्ध कराई गई है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टांप जोड़ने की सुविधा, डीटीपी विभाग से संबंधित जानकारी और एनओसी की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की गई है। डीटीपी विभाग को निर्धारित समय सीमा में एनओसी जारी करनी होगी, जिससे नागरिकों को अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रणाली में पहले अलग-अलग स्तरों पर किए जाने वाले RC1 और RC2 कार्यों को अब कंबाइन कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान होगी।

ऑटो इंतकाल प्रणाली के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 5 लाख से अधिक इंतकाल लंबित थे, जिनमें से लगभग 4 लाख इंतकालों का निपटारा किया जा चुका है। इस प्रणाली को लागू करने से पहले एक माह तक इसका पायलट ट्रायल किया गया था और प्राप्त सुझावों व फीडबैक को शामिल किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में ही करीब 50 हजार इंतकाल स्वत: दर्ज किए जा चुके हैं। जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल मंजूर किया जाएगा। वहीं खेवट बंटवारे वाले मामलों का निपटारा अधिकतम 10 दिनों के भीतर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 15 दिनों के भीतर लंबित इंतकालों को समयबद्ध तरीके से समाप्त करना है। अब नागरिक ऑनलाइन अपने इंतकाल की स्थिति देख सकेंगे और उसकी प्रति डाउनलोड व प्रिंट भी कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यह सुधार राजस्व प्रशासन में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है, जिससे प्रदेश के किसानों, भूस्वामियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी तथा राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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