हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का भुगतान दिलाने और विजिलेंस जांच से बचाने का दिया था झांसा
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का लंबित भुगतान जारी कराने और विजिलेंस जांच से बचाने का झांसा देकर दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स कारोबारी से करीब 3.50 करोड़ रुपये की ठगी करने के बहुचर्चित मामले में पंचकूला पुलिस की क्राइम ब्रांच-19 को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में नगर निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) रोहित सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 8 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपी से ठगी की पूरी साजिश, रकम के लेन-देन, बैंक खातों, अन्य आरोपियों की भूमिका और करोड़ों रुपये के उपयोग को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही हैं।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुई एफआईआर
यह मामला दिल्ली निवासी शिव प्रकाश सिंह, जो शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं, की शिकायत पर दर्ज किया गया था। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता को विश्वास दिलाया गया कि हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का लंबित भुगतान जल्द जारी कराया जाएगा। साथ ही यह भी दावा किया गया कि यदि किसी प्रकार की विजिलेंस जांच होती है तो उसे भी प्रभाव का इस्तेमाल कर समाप्त करा दिया जाएगा।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्य आरोपी मोहित सैनी ने स्वयं को खेल विभाग से जुड़ा प्रभावशाली व्यक्ति और ऑब्जर्वर बताकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता। इसके बाद उसने विभिन्न बहानों से अलग-अलग किस्तों में करीब 3.50 करोड़ रुपये अपने और अपने सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
जेई के खाते में पहुंची करोड़ों की रकम
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की गई रकम का बड़ा हिस्सा नगर निगम के जूनियर इंजीनियर रोहित सैनी के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। बैंकिंग दस्तावेज और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के खाते में आई रकम का आगे किसे भुगतान किया गया और क्या यह धन अन्य लोगों के खातों में भी भेजा गया।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस पहले ही दीपांशु नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान उसके खिलाफ भी महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले थे। वहीं इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी मोहित सैनी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पंचकूला पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
सुनियोजित साजिश की आशंका
पुलिस का मानना है कि करोड़ों रुपये की इस ठगी को अकेले अंजाम नहीं दिया गया। शुरुआती जांच में यह एक सुनियोजित षड्यंत्र प्रतीत हो रहा है, जिसमें कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। रिमांड के दौरान पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।
रिमांड में होंगे कई बड़े खुलासे
क्राइम ब्रांच-19 के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस रिमांड के दौरान बैंक खातों की विस्तृत जांच, मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरण, वित्तीय दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ की जाएगी। उम्मीद है कि इससे करोड़ों रुपये की ठगी के पूरे नेटवर्क, रकम के अंतिम लाभार्थियों और फरार आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
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