बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 5 सितंबर 2026। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), चंडीगढ़ बेंच ने सुनील कुमार बनाम चंडीगढ़ प्रशासन मामले में 15 वर्षों से विभाग में दैनिक वेतन/डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारी को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से लगाने के आदेश पर महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की है। अधिकरण ने अगली सुनवाई तक पूर्व स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार आवेदक सुनील कुमार वर्ष 2010 से संबंधित विभाग में लगातार कार्यरत हैं। विभाग ने 27 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी कर उनकी मौजूदा दैनिक वेतन/डीसी रेट आधार पर सेवाओं को समाप्त करते हुए 1 सितंबर 2026 से उन्हें आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सेवाएं देने का निर्णय लिया था।
इस आदेश को अधिवक्ता सुश्री मेनका गुप्ता के माध्यम से CAT की चंडीगढ़ बेंच में चुनौती दी गई। सुनवाई के दौरान आवेदक की ओर से दलील दी गई कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से विभाग में सीधे तौर पर कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद बिना किसी नोटिस अथवा उनकी सहमति के उनकी सेवा व्यवस्था को अचानक बदलकर आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधीन करने का निर्णय लिया गया।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से अधिकरण को बताया गया कि 27 अगस्त 2026 का आदेश पहले ही लागू किया जा चुका है। इस पर अधिकरण ने मामले के तथ्यों पर प्रथम दृष्टया विचार करते हुए निर्देश दिया कि 27 अगस्त 2026 की स्थिति के अनुसार “status quo ante” अगली सुनवाई तक बनाए रखा जाए। यानी मामले में आदेश जारी होने से पहले की स्थिति को फिलहाल बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकरण ने प्रतिवादियों को अगली तारीख तक अपना जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। इसी सुनवाई के दौरान अंतरिम आदेश को जारी रखने अथवा उसमें संशोधन करने पर भी विचार किया जाएगा।
आवेदक सुनील कुमार की ओर से अधिवक्ता सुश्री मेनका गुप्ता ने मामले में पैरवी की। CAT के अंतरिम आदेश से लंबे समय से विभाग में सीधे दैनिक वेतन/डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारी को फिलहाल राहत मिली है।















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