वाटिका लिमिटेड के चार कमर्शियल प्रोजेक्ट जांच के घेरे में, 661 निवेशकों से रकम जुटाने का आरोप; घर, फार्महाउस और कार्यालय में PMLA के तहत सर्च
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
गुरुग्राम, 17 सितंबर 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित रियल एस्टेट धोखाधड़ी और धनशोधन से जुड़े मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं कारोबारी गोपाल कांडा से जुड़े गुरुग्राम स्थित तीन परिसरों पर गुरुवार को छापेमारी की। ईडी की यह कार्रवाई रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड से जुड़े मामले में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी निवेशकों से जुटाई गई रकम के कथित डायवर्जन और उसके वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
चार प्रोजेक्ट में 661 निवेशकों से 248.46 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप
ईडी की जांच के अनुसार, वाटिका लिमिटेड के चार कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में करीब 661 निवेशकों से 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए। निवेशकों को परियोजनाओं में समय पर कब्जा देने, एश्योर्ड रिटर्न, लीज रेंटल तथा सेल डीड के निष्पादन का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, रकम लिए जाने के बावजूद निवेशकों को अब तक संबंधित परियोजनाओं का कब्जा नहीं दिया गया और वादे के मुताबिक सेल डीड भी निष्पादित नहीं की गई। इसी आधार पर ईडी ने मामले में धन के स्रोत, इस्तेमाल और आगे हुए कथित हस्तांतरण की जांच शुरू की है।
गोपाल कांडा से जुड़े तीन परिसरों पर सर्च
ईडी ने PMLA की धारा 17 के तहत गुरुग्राम में गोपाल कांडा से जुड़े तीन परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें उनका आवास, फार्महाउस और कार्यालय शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी का मुख्य उद्देश्य निवेशकों से प्राप्त रकम के कथित वित्तीय ट्रेल और उसके डायवर्जन से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच करना है।
कांडा से जुड़ी कंपनियों तक रकम पहुंचने की जांच
ईडी अधिकारियों के अनुसार, जांच में ऐसी जानकारी सामने आई है कि रियल एस्टेट कंपनी से कथित तौर पर डायवर्ट की गई रकम बाद में गोपाल कांडा से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में ट्रांसफर की गई। एजेंसी अब इन लेन-देन की कड़ियों और धन के वास्तविक इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है।
कार्रवाई का फोकस वित्तीय ट्रेल पर
ईडी की मौजूदा कार्रवाई में निवेशकों से जुटाई गई राशि के इस्तेमाल, विभिन्न खातों और कंपनियों के बीच हुए कथित ट्रांसफर तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से प्राप्त धन किस रास्ते से आगे गया और उसका अंतिम इस्तेमाल कहां हुआ।
फिलहाल यह जांच और तलाशी की कार्रवाई है। उपलब्ध रिपोर्टों में ईडी की ओर से गोपाल कांडा की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। कांडा की ओर से उनके वकील ने कहा है कि वे फिलहाल ईडी के मामले का विवरण पता करने की कोशिश कर रहे हैं। ।














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