April 12, 2026 12:19 am

April 12, 2026 12:19 am

DELHI: जलभराव से दिल्ली को मिलेगी स्थायी राहत, चार बड़े ट्रंक ड्रेनों के निर्माण में तेजी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘ड्रेनेज मास्टर प्लान’ की समीक्षा, 1000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं प्रगति पर

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़े स्तर पर कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चार प्रमुख ट्रंक ड्रेनों के निर्माण और विस्तार कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समय-सीमा में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी महानगर की असली पहचान उसकी मजबूत, वैज्ञानिक और दूरदर्शी जल-निकासी व्यवस्था होती है। दिल्ली की भौगोलिक स्थिति, बढ़ती आबादी और अनियंत्रित शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ड्रेनेज मास्टर प्लान के तहत बड़े सुधार किए हैं, जिससे भविष्य में जलभराव की समस्या दोबारा न हो।

1970 के मास्टर प्लान में किए गए बड़े बदलाव
दिल्ली के सीवर और जल-निकासी सिस्टम के लिए 1970 के दशक में ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया गया था, लेकिन समय के साथ इसमें आवश्यक बदलाव नहीं हो सके। बढ़ती आबादी और निर्माण गतिविधियों के चलते जलनिकासी व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव पड़ा। अब दिल्ली सरकार ने इस प्लान में व्यापक संशोधन कर आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ट्रंक ड्रेनों का निर्माण शुरू किया है।

किराड़ी, मुंडका और नांगलोई को मिलेगा जलभराव से छुटकारा
पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी, मुंडका, बवाना और नांगलोई विधानसभा क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए 4.5 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन का निर्माण प्रस्तावित है।
अनुमानित लागत: 220.93 करोड़ रुपये
कैचमेंट एरिया: 1,520 एकड़
डिस्चार्ज क्षमता: 760 क्यूसेक
यह ड्रेन मुंडका हॉल्ट स्टेशन से शुरू होकर रेलवे कॉरिडोर के साथ चलते हुए सप्लीमेंट्री ड्रेन में मिलेगा। रेलवे के साथ एमओयू साइन हो चुका है और स्वीकृति मिलते ही परियोजना को 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य है।

दक्षिण दिल्ली की जल-निकासी व्यवस्था का होगा पुनर्गठन
दक्षिण दिल्ली के लाडो सराय टी-पॉइंट से पुल प्रह्लादपुर तक जलभराव की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए एमबी रोड स्टॉर्म वॉटर ड्रेन परियोजना को मास्टर प्लान में शामिल किया गया है।
कुल ड्रेन लंबाई: 22.76 किलोमीटर
अनुमानित लागत: 387.84 करोड़ रुपये
परियोजना अवधि: 2.5 वर्ष
इस परियोजना के तहत करीब 500 पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन, फुटपाथ निर्माण और बिजली व जल बोर्ड की यूटिलिटीज शिफ्ट की जाएंगी।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली में किराड़ी-रिठाला ट्रंक ड्रेन
उत्तर-पश्चिम दिल्ली में किराड़ी से रिठाला (रोहिणी) तक 7.2 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन का निर्माण किया जा रहा है।
अनुमानित लागत: 250.21 करोड़ रुपये
डिस्चार्ज क्षमता: 1,160 क्यूसेक
करीब 600 मीटर काम पूरा हो चुका है। पेड़ों की कटाई से जुड़ी अड़चनें दूर होने के बाद शेष कार्य भी जल्द शुरू होगा।
रोहतक रोड (NH-10) पर युद्धस्तर पर सुधार कार्य
रोहतक रोड पर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण और सुधार का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
अनुमानित लागत: 184 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार से सहायता: 105 करोड़ रुपये (2025-26)
लक्ष्य: मार्च 2026 तक कार्य पूर्ण
मुख्यमंत्री का दावा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन चार बड़ी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्लीवासियों को जलभराव, ओवरलोडेड सीवर और बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों से स्थायी राहत मिलेगी।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 5 3 2 3
Total Users : 295323
Total views : 499431

शहर चुनें