करनाल: हरियाणा के करनाल जिले के असंध थाना क्षेत्र में 12 जनवरी की सुबह सामने आए दंपति हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 10 बजे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। असंध थाना प्रभारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया, जिसके बाद एसपी नरेंद्र बिजराणिया, एएसपी दीपिका अग्रवाल, डीएसपी गौरखपाल राणा के नेतृत्व में सीआईए और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए और पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। शाम करीब 7 बजे दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
जांच में पोते पर गया शक
नशे की हालत में हिरासत में लिया गया रविंद्र, पूछताछ में उगला सच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीआईए-2 और असंध सीआईए को सौंपी गई। तकनीकी और जमीनी जांच के दौरान पुलिस को मृतक दंपति के पोते रविंद्र पर शक हुआ। रविवार शाम करीब 8 बजे पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। रविंद्र मृतक के छोटे बेटे बंशी का बेटा है और खुद को ‘बाबा’ बताता था। नशे की लत के कारण शुरुआती पूछताछ में वह सामान्य स्थिति में नहीं था, लेकिन होश में आते ही उसने पूरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा कर दिया।
कर्ज और प्रॉपर्टी बनी हत्या की वजह
15 लाख रुपये के बैंक लोन से छुटकारा पाने के लिए रची गई साजिश
पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि उसके परिवार पर दादा द्वारा दिलवाए गए बैंक लोन के करीब 15 लाख रुपये बकाया थे, जिसे बाद में दादा ने ही चुका दिया था। इसके बावजूद दादा लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे। इसी डर और लालच ने रविंद्र को हत्या की साजिश रचने पर मजबूर कर दिया। आरोपी का मानना था कि दादा-दादी को रास्ते से हटाने के बाद न केवल कर्ज से छुटकारा मिलेगा, बल्कि प्रॉपर्टी पर भी उसका कब्जा हो जाएगा। उसने वहां मंदिर बनाने और आगे कबाड़ी की दुकान चलाने तक की योजना बना रखी थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस षड्यंत्र में परिवार का कोई अन्य सदस्य शामिल था या नहीं।
दो साथियों को दिया लालच
तांबा चोरी का झांसा देकर लूट का रूप देने की बनाई योजना
रविंद्र ने पुलिस को बताया कि वह कई दिनों से इस वारदात की योजना बना रहा था और इसके लिए टेप तक खरीद ली थी, लेकिन कोई उसका साथ देने को तैयार नहीं था। इसी दौरान उसका संपर्क जयसिंहपुरा गांव के प्रदीप और गुलशन से हुआ। रविंद्र ने दोनों को लालच दिया कि दादा के कबाड़ी गोदाम से तांबा चोरी कर लिया जाएगा और पूरे मामले को लूट की वारदात जैसा दिखाया जाएगा। लालच में आकर दोनों आरोपी साजिश में शामिल हो गए।
आधी रात में दिया गया खौफनाक वारदात को अंजाम
दीवार फांदकर घर में घुसे, मुंह पर टेप लगाकर गला दबाया
पुलिस के अनुसार वारदात की रात प्रदीप और गुलशन रविंद्र के पास पहुंचे। रविंद्र का घर दादा के घर से सटा होने के कारण तीनों आरोपी दीवार फांदकर अंदर दाखिल हो गए। रात 11 बजकर 47 मिनट से सवा एक बजे के बीच तीनों ने दादा-दादी के मुंह पर टेप लगाकर गला दबाया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पोते को पुकारती रही दादी, वही निकला कातिल
मंकी कैप पहनकर वारदात, पुलिस जांच में फेल हुई लूट की कहानी
डीएसपी गौरखपाल राणा ने बताया कि वारदात के समय रविंद्र मंकी कैप पहने हुए था। हमले के दौरान दादी लगातार अपने पोते को पुकारती रही—“रविंद्र बचा लो, रविंद्र बचा लो…”, लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि उसका कातिल कोई और नहीं, बल्कि वही पोता है। रविंद्र की योजना थी कि हत्या को चोरी और लूट का मामला दिखाया जाए, लेकिन पुलिस की गहन जांच में यह कहानी टिक नहीं पाई। नशे की हालत में होने के बावजूद पुलिस ने पूरे हत्याकांड की कड़ियां जोड़ते हुए साजिश का खुलासा कर दिया।










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