चंडीगढ़, 15 जनवरी 2026: राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भूमि अभिलेख विभाग के निदेशक कार्यालय में तैनात एक संविदा कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान परवेश के रूप में हुई है, जो एक शिकायतकर्ता से भूमि अभिलेख उपलब्ध कराने के बदले 4,000 रुपये की रिश्वत ले रहा था।
पंजाब सतर्कता ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई एसबीएस नगर जिले की दसूहा तहसील के चोकरा गांव निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी ने पैतृक भूमि के 12 एकड़ में अपने कानूनी हिस्से की मांग को लेकर दसूहा अदालत में दीवानी मुकदमा दायर किया है। इस मामले में भूमि स्वामित्व साबित करने के लिए जमाबंदी, भूमि आवंटन और जमा अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियों की आवश्यकता थी।
प्रवक्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता ने इन दस्तावेजों के लिए जालंधर स्थित भूमि अभिलेख निदेशक कार्यालय में आवेदन किया था, लेकिन बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद उसे रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी दौरान आरोपी परवेश ने उससे संपर्क किया और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के साथ-साथ उर्दू से पंजाबी में अनुवाद कराने का दावा किया। इसके लिए उसने रिकॉर्ड के 10,000 रुपये और अनुवाद के 12,000 रुपये, कुल 22,000 रुपये की मांग की।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पहले ही अलग-अलग तारीखों पर गूगल पे और नकद के माध्यम से आरोपी को 18,000 रुपये दे चुका था। इसके बावजूद आरोपी ने शेष 4,000 रुपये की और मांग की।
शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद सतर्कता ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ जालंधर स्थित सतर्कता ब्यूरो थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।











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