June 17, 2026 1:34 pm

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बुजुर्ग महिला को नकली CBI और फर्जी कोर्ट रूम दिखाकर 2.98 करोड़ की साइबर ठगी, एक आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

डिजिटल हाउस अरेस्ट का डर दिखाकर की गई ठगी, आरोपी के खाते में मिले 17 लाख रुपये, 6 दिन के पुलिस रिमांड पर
पंचकूला | 16 जनवरी 2026: पंचकूला में साइबर अपराधियों द्वारा एक बुजुर्ग महिला को नकली सीबीआई अधिकारी और फर्जी कोर्ट रूम दिखाकर “डिजिटल हाउस अरेस्ट” करने तथा मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर 2 करोड़ 98 लाख रुपये की ठगी करने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पंचकूला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पीड़ित महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 4 दिसंबर को उसके पास एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को एक टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताते हुए सेवाएं बंद होने की बात कही। इसके बाद कॉल को कथित सीनियर अधिकारी और फिर खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से जोड़ दिया गया। आरोपियों ने महिला पर बैंक के जरिए करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया। विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने कुछ फोटो भी भेजे, जिनमें किसी व्यक्ति को गिरफ्त में दिखाया गया था।
आरोपियों ने महिला की उम्र का फायदा उठाते हुए उसे “हाउस अरेस्ट” में होने का डर दिखाया और कहा कि पुलिस की गाड़ी उसके घर के बाहर खड़ी है तथा वह बिना अनुमति कहीं नहीं जा सकती। इस दौरान महिला से सभी बैंक खातों की जानकारी हासिल कर ली गई। साथ ही किसी को भी इस बारे में बताने पर उसके बच्चों की जान को खतरा होने की धमकी दी गई।
5 दिसंबर को आरोपियों ने महिला को वीडियो कॉल के जरिए एक फर्जी कोर्ट रूम में पेश किया, जहां नकली पुलिसकर्मी और नकली जज मौजूद थे। जांच के नाम पर डराकर आरोपियों ने महिला से कुल 2 करोड़ 98 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में जब और पैसों की मांग की गई, तो महिला को ठगी का शक हुआ और उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पंचकूला में 14 दिसंबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2) व 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी समन, वारंट, नकली कोर्ट रूम और पुलिस अधिकारी बनकर इस ठगी को अंजाम दिया।
साइबर थाना एसएचओ युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में जांच अधिकारी भूप सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए पहले आरोपी नितिन सिंघल, निवासी पूर्वी दिल्ली, को 15 जनवरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया। जांच में आरोपी के बैंक खाते में करीब 17 लाख रुपये की ठगी की रकम पाई गई है। आरोपी को अदालत में पेश कर 6 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है।
डीसीपी क्राइम ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति या “डिजिटल अरेस्ट” जैसी धमकियों से सतर्क रहें और ऐसी स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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